शहीद सैनिक का पार्थिव शरीर उसके गांव भगवानपुर जिला सहारनपुर पहुंच गया। प्रदेश के मंत्री सुरेश राणा सहित कई लोग सुबह ही वहां पहुंच गए थे। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे से सेना के वाहन से लाया गया तो वहां मौजूद लोग फफक पड़े। शहीद जयद्रथ की अंतिम यात्रा में उमड़े हजारों लोगों ने सलाम किया। इस दौरान 'जब तक सूरज चांद रहेगा जयद्रथ तेरा नाम रहेगा' और पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद के जमकर नारे लगे। वहीं गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा ने राज्य सरकार की तरफ से शहीद के परिवार को 25 लाख की मदद देने का एलान किया।
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शहीद सैनिक को अंतिम विदाई देते अधिकारी
श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में रिमाउंट डिपोर्ट एवं ट्रेनिगं स्कूल के कमांडेंट, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीआईजी केएस ईमेनुअल, डीएम पीके पांडेय, एसएसपी बललू कुमार आदि शामिल रहे। जनप्रतिनिधियों में राज्य मंत्री सुरेश राणा, सांसद राघव लखन पाल शर्मा, मंत्री धर्म सिंह सैनी, कुंवर बिर्जेश सिंह, देवेंद्र, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, महावीर राणा समेत जसवंत सैनी मौजूद रहे।
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देश पर कुर्बान हुए जांबाज को किया सलाम
लाइन ऑफ कंट्रोल पर सुंदरबनी सेक्टर में शनिवार को पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद जवान जयद्रथ की पत्नी ममता ने कहा कि पाकिस्तान से उसे अपने पति की शहादत का बदला चाहिए। देर रात से बिलखते-बिलखते उसकी आंखों के आंसू सूख चुके थे। परिवार को सांत्वना देने पहुंचे जिलाधिकारी पीके पांडेय से वह बार-बार यही कहती रही कि उसे कुछ नहीं सिर्फ पाकिस्तान से बदला चाहिए। कहने लगी उनका जयपुर तबादला होने वाला था।
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देश पर कुर्बान हुए जांबाज को किया सलाम
उससे कह कर गए थे कि वह जल्दी ही लौट कर जयपुर आएंगे। इंतजार करना, लेकिन अब कब तक वह उनका इंतजार करे, कह कर गए थे कि अब कुछ दिन की बात है फिर कोई टेंशन नहीं रहेगी। जयपुर में आराम से रहेंगे, अब तक तो समय नहीं मिल पाया था, लेकिन सब कुछ खत्म हो गया। उसका अब दुनिया में कोई नहीं रहा।
कहां जाएगी वह, अब उसका कौन सहारा होगा। वह तो बर्बाद हो गई। ममता का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। उसकी चचेरी बहनें पारुल और आरती तो रोते-रोते बार-बार बेसुध हो रहीं थीं।