फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Lockdown update Meerut news: Police Got hundred marks in Reality check of Amar ujala, See how khaki is serving People

Exclusive: अमर उजाला के रियलिटी चेक में शत प्रतिशत अंकों से पास हुई खाकी, लोग बोले, वर्दी में खाना देने आते हैं 'भगवान'

Sat, 18 Apr 2020 12:48 PM IST
Dimple Sirohi सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 18 Apr 2020 12:48 PM IST
विज्ञापन
Lockdown update Meerut news: Police Got hundred marks in Reality check of Amar ujala, See how khaki is serving People
लॉकडाउन - फोटो : amar ujala

अमर उजाला का यह रियलिटी चेक आज कुछ अलग था। यह रियलिटी चेक कोरोना से ऐसे तमाम लोगों के लिए था जिनका घर सड़कें होती हैं। जो रात में डिवाइडर पर सोते हैं। पड़ताल थी सरकार के उस दावे की जिसमें कहा जा रहा है कि देश में कोई भूखा नहीं रह रहा है।

विज्ञापन


अमर उजाला रिपोर्टर ने इसके लिए खाने की आस में बैठे बेसहारा लोगों के लिए आम नागरिक की तरह यूपी पुलिस के 112 हेल्पलाइन पर कॉल किया तो रियलिटी चेक में पुलिस पास हो गई। साफ हो गया कि अगर आपको भी कोई ऐसा जरूरतमंद नजर आता है, जो खाने से वंचित रह गया है, तो आप भी यूपी पुलिस का हेल्पलाइन नंबर-112 डायल कीजिए।
विज्ञापन


किसको अच्छा लगता होगा कि उसके दरवाजे पर पुलिस दस्तक दे, लेकिन शहर में आज तमाम ऐसे लोग हैं जो इस दस्तक का दो टाइम इंतजार करते हैं। खाकी में देवदूत आते हैं। खाना दे जाते हैं। सुनने और पढ़ने में यकीन नहीं होता लेकिन हकीकत यह है कि हर गरीब और भूखे तक खाना पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब लोगों के मन में सवाल है कि आखिर कैसे पता चलता है कि कहां कौन भूखा है और उस तक खाना पहुंचता कैसे है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला ने पड़ताल की। जिनके जवाब पाने के बाद अमर उजाला संवाददाता को सुखद आश्चर्य भी हुआ और संतोष भी। 

Lockdown update Meerut news: Police Got hundred marks in Reality check of Amar ujala, See how khaki is serving People
lockdown meerut - फोटो : amar ujala meerut

दोपहर के 12 बजे थे। ये रिपोर्टर ऐसे ही किसी शख्स की तलाश में था, जो भूखा हो। काफी देर तक भी ये तलाश पूरी नहीं हुई। जगह-जगह प्रशासन की तरफ से, आम लोगों की तरफ से जरूरतमंदों को खाने के पैकेट बांटे जा रहे थे। डेढ़ घंटे की इसी तलाश में हमें महेंद्र कुमार मिले।

दिल्ली रोड पर बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने खोखे में रहने वाले महेंद्र कुमार 25 साल पहले मेरठ आए थे और तभी से मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे हैं, लेकिन लॉकडाउन में कमाई का जरिया बंद हो गया तो पेट भरना भी मुश्किल हो गया।

रिपोर्टर ने महेंद्र सिंह को आवाज दी तो वह उठकर बैठ गए। रिपोर्टर ने पूछा-खाना खा लिया। महेंद्र सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। कितना भी भूखा हो कोई श्रमजीवी, अंदर कुछ है, जो मांगने से रोकता है...रिपोर्टर ने उनके अंदर चलती इस कशमकश को पढ़ा और रुक गए।

ये तो तय था कि महेंद्र कुमार को रोटी की जरूरत है। ये भी तय था कि कम से कम इस समय वे भूखे नहीं रहेंगे। लेकिन महेंद्र के जरिए हमें उस इंतजाम को परखना था, जो लखनऊ से लेकर आपकी गली के आखिरी आदमी तक पहुंचने का दावा करता है।

रिपोर्टर ने किया यूपी पुलिस के हेल्प लाइन नंबर पर फोन
रिपोर्टर ने यूपी पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर आम आदमी की तरह कॉल मिलाया। कॉल रिसीव करने वाली महिला पुलिसकर्मी ने लोकेशन और नाम पूछकर परेशानी जानी तो उनको बताया गया कि मेरठ में दिल्ली रोड पर एक व्यक्ति भूखा है। खाना पहुंचा दीजिए।

महिला पुलिसकर्मी ने कुछ समय बाद मदद पहुंचने का आश्वासन देते हुए फोन रख दिया। इससे पहले की 112 गाड़ी आ पाती कि परतापुर थाने की बोलेरो में घूूम रहे ड्राइवर देवदत्त शर्मा और हेड कांस्टेबल पवन पहुंच गए। खाने के दो पैकेट महेंद्र सिह को देकर रवाना हो गए। खाना मिला तो महेंद्र सिंह का चेेहरा भी चमक गया। बोल पड़े कि पुलिस अच्छा काम कर रही है।

रिएलिटी चेक अभी बाकी था...
महेंद्र सिह को आज का खाना मिल गया, लेकिन रिएलिटी चेक अभी पूरा नहीं हुआ था। 112 गाड़ी का अभी भी इंतजार था। थोड़ा वक्त लगा, लेकिन आधा घंटे बाद रिपोर्टर के मोबाइल पर 0121-2664633 नंबर से कॉल आ गई। कॉल करने वाले ने बताया कि वो कंट्रोल रूम से बोल रहे हैं।

आपने खाद्य सामग्री को लेकर कॉल की थी, कहां का पता है। उनको बताया गया कि जरूरतमंद को मदद मिल चुकी है। इसके तुरंत बाद ही यूपी पुलिस की 112 पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मी ने फोन मिला दिया। खाना पहुंचाने की जगह पूछी तो उनको बताया गया कि खाना परतापुर पुलिस द्वारा दिया जा चुका है।

थानों में भी चल रही भट्टी, लोग खूब कर रहे मदद
शहर में रोजाना लाखों लोगों को खाना मुहैया कराया जा रहा है। लोग बड़ी संख्या में मदद को आगे आ रहे हैं। कुछ रोज गाड़ियों में खुद खाना लेकर निकल पड़ते हैं तो कुछ थाने में पहुंचा देते हैं।

कितनी ही संस्थाएं प्रशासन को खाना मुहैया करा देती हैं। जिसके बाद यह खाने शहर के तमाम हिस्सों में दोपहर और शाम को बांटा जा रहा है। ऐसे में सड़कों पर रहने वाला कोई शख्स भूखा नहीं है। लॉकडाउन के इस बुरे दौर में सबको दो वक्त की रोटी मिल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed