चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आज से शुरू हुए तीन दिवसीय अखिल भारतीय आयुर्वेद पर्व (महासम्मेलन) में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने जीवन का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार मेरी मुलाकात रामदेव से हुई थी।
उप-राष्ट्रपति बोले- रामदेव ने गुस्सा दूर करने के योग बताए, मैंने कहा... कोई ऐसा योग बनाइए की संसद की गरिमा बनी रहे
उप-राष्ट्रपति ने बताया कि रामदेव ने मुझे गुस्से को दूर करने के लिए कुछ योग बताए थे। लेकिन मैंने उनसे कहा था कि ऐसा योग बनाइए की संसद की गरिमा बनी रहे। बताया कि मेरी यह बात सुनकर रामदेव हंसने लगे थे।
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उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
- फोटो : अमर उजाला
उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का झंडा पूरी दुनिया भर में बज रहा है। प्रधानमंत्री के विजन की वजह से देशभर में भारत का डंका बज रहा है। कहा कि कोविड महामारी में प्रधानमंत्री के फैसले ने पूरे देश को बचाया।
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उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
- फोटो : अमर उजाला
उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे किसान का बेटा कहा, यह मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज उसी चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) में आया हूं। मैं इस बात से काफी गदगद हूं।
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उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ऐसा है, जैसे पुरानी कहावत है, गली में छोरा और गांव में ढिंढोरा। सभी पद्धतियों का सम्मान करता हूं, लेकिन आयुर्वेद को अपनाना चाहिए।
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में हर विषय पर भारत क्या सोचता है, इसका इंतजार किया जाता है। मोटे अनाज को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में बड़े पैमाने पर जनता को नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिले हैं। आज की युवा शक्ति को तय करना है कि 2047 में भारत कैसा होगा।