सावन के पवित्र माह में हरिद्वार से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांविडयों का यूपी की सीमा में पदार्पण होने लगा है। मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर प्रतिदिन कांवड़ियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गुरुवार सुबह से ही हाईवे पूरी तरह केसरियां रंग से सराबोर होने लगा। बाईपास सहित शहर में कई स्थानों पर कांवड़ शिविरों का शुभारंभ हो गया है। बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार से जल लेकर हाईवे की ओर बढ़ रहे हैं।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
रुड़की रोड, दिल्ली रोड और गढ़ रोड पर कांवड़ियों का आगमन हो रहा है। दिल्ली जाने वाले शिवभक्त बेगमपुल से दिल्ली रोड की तरफ मुड़ जाते हैं। वहीं, अलीगढ़ और आगरा तक के कांवड़िया हापुड़ रोड से जा रहे हैं। कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए रुड़की रोड, सोतीगंज, डीएन कॉलेज, फुटबॉल चौराहा, जगदीश मंडप, नवीन मंडी पर कांवड़ सेवा शिविर शुरू हो गए हैं।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
शाम ढलते ही कांवड़ सेवा शिविर में भगवान शिव के गीत गूंजने लगते हैं। जगदीश मंडप के पास स्थित सेवा शिविर में दिल्ली के कांवड़ियों ने अपने नृत्य से सभी का मन मोह लिया। यहां बच्चे भी नृत्य करते नजर आए।
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कांवड़ यात्रा
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मेरठ में हाईवे पर खिर्वा चौराहा और डिफेंस आदि जगहों पर बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं। शाम को क्षेत्र के लोग कांवड़ियों को देखने पहुंचते हैं। इस बीच बच्चे झूले का आनंद भी लेते हैं। शाम ढलते ही हाईवे पर मेले जैसा माहौल हो जाता है। वहीं, चाट-पकौड़ी आदि की दुकानें सज जाती हैं।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली मंगोलपुरी निवासी चार किशोरों ने पहली बार भगवान शिव का नाम लेकर कांवड़ उठाई। साहिल, अमन, अभिषेक और मनीष ने बताया कि वे नवीं कक्षा के छात्र हैं। इस बार उन्होंने कांवड़ लाने का प्रण लिया था। हरिद्वार से चलकर चारों छात्र कंकरखेड़ा खिर्वा बाईपास स्थित शिविर में रुके हैं।उनकी कांवड़ का वजन लगभग 60 किलो है।