Kanwar yatra : घुंघरू की छम-छम, जुबां पर बोल-बम, हाईवे पर शिवमय हुआ माहौल, मनमोहक हैं ये तस्वीरे
दिल्ली निवासी राहुल ने बताया कि वह कई साल से सारिका से प्रेम करते थे। परिवार तैयार नहीं था, इसलिए शादी नहीं हुई। 23 साल से लगातार कांवड़ ला रहा हूं। बीते वर्ष परिजन मान गए और विवाह हो गया। मन्नत मांगी थी कि विवाह होने पर दोनों साथ में कांवड़ लाएंगे। भगवान शिव ने मुराद पूरी कर दी इसलिए साथ में कांवड़ लाए हैं। आगे भी परिवार की सुख समृद्धि के लिए कांवड़ लाएंगे।
स्कूली छात्र लाए पहली बार कांवड़
रोहिणी निवासी 18 वर्षीय सचिन, 18 वर्षीय कृष्ण सिंह, 20 वर्षीय रोहित और सुलतानपुरी निवासी 17 वर्षीय दिपांशु चारों दोस्त पहली बार कांवड़ लाए। सभी युवकों के दसवीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास हुए। मन्नत मांगी थी कि अच्छे नंबर से उत्तीर्ण होने पर कांवड़ लाएंगे। चारों दोस्तों ने 7 जुलाई को जल उठाया और 11 को मेरठ पहुंच गए।
बीएससी की छात्रा लाई छठी कांवड़
गाजियाबाद निवासी वैष्णवी ने बताया कि वह 6 साल से कांवड़ ला रही हैं। वह बीएससी द्वितीय वर्ष में हैं। कांवड़ लाने से खुशी मिलती है। परिवार की समृद्धि के लिए कांवड़ लाते हैं। साथ में कांवड़ ला रहे मनीष ने बताया कि दसवीं बार कांवड़ ला रहे हैं।
दिल्ली निवासी नौ वर्षीय प्रयांक और आठ वर्षीय अभिषेक पहली बार अपने पिता तिलकधर के साथ कांवड़ लाएं। बड़ा चौथी और छोटा तीसरी कक्षा में पढ़ता है। दोनों बच्चों के लिए पिता ने अपने हाथ से ही कांवड़ बनाई। यात्रा मार्ग पर दोनों बच्चों का सभी ने स्वागत किया। चौथी कक्षा का छात्र विनय भी अपने पिता बबलू के साथ कांवड़ लाया।