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Deoband: उलमा के निशाने पर संघ और सरकार, नसीहत देकर चेताया, मदनी बोले-संप्रदायिक शक्तियों के मंसूबे..

Sun, 29 May 2022 03:18 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, देवबंद सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, देवबंद सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 29 May 2022 03:18 PM IST
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Jamiat Ulama-I-Hind convention in Deoband: Union and government on the target of Ulama, Madani says will not allow communal strengths to play with the country's pride
जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala

देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अधिवेशन में सीधे नाम तो नहीं लिया लेकिन संघ और सरकार उलमा के निशाने पर रही। नसीहत दी गई तो साथ ही चेताया भी गया। संबोधन के दौरान मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अपने ही मुल्क में अजनबी बना दिए गए हैं। हमारे पूर्वजों ने देश को आजाद कराने में बड़ी कुर्बानियां दी हैं। हम सांप्रदायिक शक्तियों को देश की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं करने देंगे।



अधिवेशन में पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुसलमानों को अतिवाद और तीव्र प्रतिक्रिया से बचना चाहिए। आग को आग से नहीं बुझाया जा सकता। इसलिए सांप्रदायिकता और नफरत का जवाब नफरत नहीं हो सकता। इसका जवाब प्रेम और सद्भाव से दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर को बचाने और संवारने के लिए कुर्बानी देने वाले और होते हैं और माफीनामा लिखने वाले और होते हैं। दोनों में फर्क साफ होता है और दुनिया ये फर्क देख सकती है कि किस प्रकार माफीनामा लिखने वाले सत्ता के अहंकार में डूबे हुए हैं। देश को तबाही के रास्ते पर ले कर जा रहे हैं।  

Jamiat Ulama-I-Hind convention in Deoband: Union and government on the target of Ulama, Madani says will not allow communal strengths to play with the country's pride
जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala

मौलाना मदनी ने मंच से उठाए सवाल
मौलाना मदनी ने सवाल खड़ा किया कि देश की एकता और अखंडता व अखंड भारत बनाने की बात करने वालों ने आज देश के मुसलमानों का रास्ते पर चलना मुश्किल कर दिया है, यह किस अखंडता और अखंड भारत की बात करते हैं?  यह नफरती लोग देश के साथ दुश्मनी कर रहे हैं और देश के अमन शांति, यहां की गंगा-जमुनी तहजीब और एकता, अखंडता को तबाह, बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें सबसे ज्यादा प्यार इस देश की शांति से है। नफरत की दुकान खोलने वाले और नफरत का बाजार सजाने वाले लोग देश के दुश्मन हैं। 


 
Jamiat Ulama-I-Hind convention in Deoband: Union and government on the target of Ulama, Madani says will not allow communal strengths to play with the country's pride
जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala

नफरत को दूर करना सरकार और मीडिया की भी जिम्मेदारी

उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद भारत के मुसलमानों की दृढ़ता का प्रतीक है, यह सिर्फ मुसलमानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह देश का संगठन है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक नफरत को दूर करना मुसलमानों से कहीं अधिक सरकार और मीडिया की जिम्मेदारी है। इससे पूर्व जमीयत के पदाधिकारियों ने देश और समाज के मुद्दों पर प्रस्ताव पेश किए, जिनका अनुमोदन भी किया गया। इन प्रस्तावों के जरिये देश की समस्याओं के समाधान के लिए एक रूपरेखा देने का प्रयास किया गया।

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Jamiat Ulama-I-Hind convention in Deoband: Union and government on the target of Ulama, Madani says will not allow communal strengths to play with the country's pride
जमीयत उलमा-ए-हिंद का अधिवेशन - फोटो : amar ujala

मंच पर नम हुईं मौलाना महमूद मदनी की आंखें
अधिवेशन के पहले दिन भाषण शुरू करने मंच पर पहुंचे मौलाना महमूद मदनी भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों के साथ संगठन के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत मौलाना कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी को याद किया। मौलाना मदनी ने कहा कि यह पहला अवसर है, जब कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी के बिना यह कार्यक्रम करना पड़ा है। हमेशा वो ही जमीयत का झंडा फहराते थे और वही कार्यक्रम की अध्यक्षता करते थे। उनके दुनिया से रुखसत होने से इस्लामिक जगत के साथ ही जमीयत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। क्योंकि कारी उस्मान ने हमेशा उनका सही मार्गदर्शन किया है। 

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Jamiat Ulama-I-Hind convention in Deoband: Union and government on the target of Ulama, Madani says will not allow communal strengths to play with the country's pride
मौलाना महमूद असद मदनी - फोटो : amar ujala

दूसरे दिन सरकार पर साधा निशाना
मौलाना मदनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जरा-जरा सी बात पर हमे कहते हैं पाकिस्तान चले जाओ, अरे तुम्हें मौका नहीं मिला था पाकिस्तान जाने का। हमें मौका मिला लेकिन हमने रिजेक्ट कर दिया था। अधिवेशन में ज्ञानवापी मस्जिद, मथुरा शाही ईदगाह और कॉमन सिविल कोड को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए। जिसका अधिवेशन में मौजूद उलमा ने खुले दिल से समर्थन किया। कहा कि कॉमन सिविल कोड को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।

शाहजहांपुर के प्रोफेसर मौलाना नौमानी ने कॉमन सिविल कोड का प्रस्ताव रखते हुए इसके पीछे सरकार की मंशा को जाहिर करते हुए कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ को समाप्त करने के लिए सरकार इसको ला रही है। जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुल्क का कानून सबको बराबर का हक देता है। यदि सरकार कॉमन सिविल कोड को जबरन लाती हर तरह का विरोध किया जाएगा।

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