मेरठ में शनिवार देर रात चक्रवाती तूफान ने जमकर तांडव मचाया। शहर में जहां हल्की आंधी आई वहीं देहात क्षेत्र के लावड़, महल क्षेत्र में चक्रवाती तूफान का केंद्र बिंदू होने से यहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दरअसल, शुक्रवार को मेरठ शहर में बारिश हुई लेकिन देहात क्षेत्र में बारिश नहीं हुई ऐसे में तापमान के अधिक दबाव के कारण चक्रवाती तूफान उठा और क्षेत्र में नुकसान पहुंचाया। बताया गया कि चक्रवाती तूफान का केंद्र बिंदू लावड़ निवासी किसान का आम का बाग रहा। तूफान ने किसान के बाग के तकरीबन 52 फल से लदे पेड़ टूटकर जमीन पर गिर पड़े। किसान को जहां भारी नुकसान हुआ है, वहीं क्षेत्र में तकरीबन डेढ़ सौ से ज्यादा बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। ऐसे में क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।
चक्रवाती तूफान के कारण क्षेत्र में स्थित एक ढाबे की छत उड़ गई, जबकि एक अन्य इमारत की दीवार ढहने से एक व्यक्ति दब गया जिसमें वह घायल हो गया। हालांकि समय रहते बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। तूफान के कारण मेरठ के गंगानगर क्षेत्र तक की बिजली आपूर्ति ठप हुई है। आगे देखें कैसे चक्रवाती तूफान ने देहात क्षेत्र में मचाया तांडव: -
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किसान के बाग में टूटे आम के पेड़
- फोटो : amar ujala
बताया गया कि देहात क्षेत्र के महल गांव में लावड़ निवासी जीवन सैनी का आम का बाग है। इस बाग में आम के फलदार 60 पेड़ हैं। बाग को महल निवासी कलीम ने ठेके पर लिया हुआ है। शनिवार देर रात को चक्रवाती तूफान के कारण बाग के 52 पेड़ तने से टूटकर जमीन पर गिर पड़े। इससे किसान को भारी नुकसान हुआ है।
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गिरी मकान की छत
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वहीं क्षेत्र में तूफान के कारण एक मंडप और ढाबे की छत उड़ गई। अझौता गांव में एक मकान की छत गिरने से एक व्यक्ति दबकर घायल हो गया। हालांकि उसे समय रहते मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया।
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कई स्थानों पर गिरे खंभे
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लावड़, महल और आसपास के क्षेत्र में तकरीबन डेढ़सौ बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सकौती उपखण्ड के एसडीओ दिनेश कुमार का कहना है कि क्षेत्र में लगभग 30 लाख का नुकसान हुआ है। बिजली के खंभे टूटने से आपूर्ति बाधित है। आबादी क्षेत्र के लिए बिजली आपूर्ति सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आज शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारू होने की संभावना है।
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दो टुकड़ों में टूूटे पेड़
- फोटो : amar ujala
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक एन. सुभाष का कहना है कि शुक्रवार को मेरठ शहर में बारिश हुई थी लेकिन देहात क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। इस कारण से देहात क्षेत्र में उच्च तापमान की अधिकता व दबाव के कारण चक्रवाती तूफान उठा। इस चक्रवाती तूफान का केंद्र बिंदू किसान जीवन सैनी का आम का बाग रहा। जहां तूफान ने भारी तबाही मचाई है।