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सेना की जासूसी के आरोप में पकड़े गए दोनों युवक अपने घर पहुंचे, पुलिस ने हिसार से किया था गिरफ्तार
Sun, 04 Aug 2019 02:25 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 04 Aug 2019 02:25 PM IST
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muzaffarnagar news, mahtab
- फोटो : अमर उजाला
हिसार में सेना की जासूसी के आरोपी पकड़े गए शेरपुर के दोनों युवकों महताब और रागिब को पूछताछ के बाद शनिवार देर रात हिसार पुलिस ने छोड़ा। दोनों युवक अपने गांव शेरपुर परिजनों के बीच पहुंचे। दरअसल, शेरपुर निवासी महताब को पाकिस्तानी सैनिक के इशारे पर काम करने के आरोप में शनिवार को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी मोहम्मद हनीफ की बड़ी बहन हनीफा का निकाह देश को आजादी मिलने के कुछ साल बाद पाकिस्तान के जनपद मियांवाला के गांव आलमपुर निवासी याकूब से हुआ था। पहले हनीफा अक्सर परिजनों से मिलने हिंदुस्तान आती रहती थी, लेकिन करीब 35 साल से वह स्वदेश नहीं आई है। हनीफा के सात बेटे हैं, जिनमें से एक तारिक पाकिस्तानी फौज में है।
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गांव शेरपुर निवासी महताब के पिता हनीफ व मां मुनीफा ने बताया कि महताब अक्सर फोन पर पाकिस्तान में रहने वाली बुआ हनीफा व फुफेरे भाई पाकिस्तानी फौजी तारिक से बातें करता था। अक्सर उनके बीच व्हाट्सअप पर भी बातें होती थीं, उसी पर महताब अपनी मां से भी उनकी बातें कराता था।
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कांधला के मदरसे में पढ़ाता था महताब
महताब गांव शेरपुर निवासी महताब शिक्षक भी रह चुका है। करीब दस साल पूर्व शिक्षण कार्य छोड़कर उसने वेल्डिंग का काम सीखा था। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी महताब पुत्र हनीफ ने शुरूआती पढ़ाई गांव के मदरसे में की थी। बाद में उसने शामली जनपद के गांव कुरमाली स्थित मदरसे से हिफ्ज की पढ़ाई पूरी की और कांधला के मदरसे में बच्चों को पढ़ाने लगा।
महताब गांव शेरपुर निवासी महताब शिक्षक भी रह चुका है। करीब दस साल पूर्व शिक्षण कार्य छोड़कर उसने वेल्डिंग का काम सीखा था। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी महताब पुत्र हनीफ ने शुरूआती पढ़ाई गांव के मदरसे में की थी। बाद में उसने शामली जनपद के गांव कुरमाली स्थित मदरसे से हिफ्ज की पढ़ाई पूरी की और कांधला के मदरसे में बच्चों को पढ़ाने लगा।
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करीब तीन साल तक कांधला मदरसे में बच्चों को पढ़ाने के बाद दस साल पूर्व महताब घर लौट आया। पढ़ाना छोड़कर वेल्डिंग का काम सीखने लगा। काम सीखने के बाद उसने जनपद के साथ ही सहारनपुर में भी काम किया। करीब दस दिन पूर्व वह सहारनपुर जनपद के गांव सरदाहेड़ी निवासी ठेकेदार अफजाल के साथ अपने गांव शेरपुर के ही रागिब को लेकर काम पर हिसार गया था, जहां उसे आर्मी कैंट में गोपनीय जानकारी व कैंट पाकिस्तान में भेजने के आरोप में पकड़ लिया गया।