तमाम बंदिशों के बावजूद मेरठ के कबाड़ी बाजार में देह व्यापार में लिप्त युवतियों की मौजूदगी देखने को मिल रही है। एएचटीयू ने सोमवार शाम को कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया से राजस्थान की दो सेक्स वर्कर पकड़ी हैं।
मेरठ: कबाड़ी बाजार मामले में सुनवाई आज, एचटीयू ने रेस्क्यू कराईं राजस्थान की दो युवती
गौरतलब है कि कबाड़ी बाजार स्थित रेड लाइट एरिया का मामला सुर्खियों में आते ही पिछले चार से पांच दिनों में यहां से सेक्स वर्करों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया था।
पुलिस सूत्रों की ही मानें तो रविवार को ही सामने आया कि पिछले दो से तीन दिनों में मेरठ से सौ से ज्यादा सेक्स वर्करों को दिल्ली के रेड लाइट एरिया में शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या राजस्थान, नेपाल, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की लड़कियों की है।
बताया गया कि यह सब कवायद कोठों पर पुलिस-प्रशासन की छापामार कार्रवाई से बचने के लिए हो रही है। सोमवार को जो सेक्स वर्कर पकड़ी गई हैं वे मेरठ से बाहर की बताई गईं। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह का कहना है कि दोनों सेक्स वर्कर राजस्थान की हैं, जो रेड लाइट एरिया से भागकर माधवपुरम इलाके में आकर छिपी हुई थीं।
मुखबिर की सूचना पर उन्हें सोमवार को एएचटीयू की पुलिस के साथ रेस्क्यू कराया गया। बता दें कि हाईकोर्ट में पुलिस की तरफ से बताया गया था कि कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया में देह व्यापार नहीं चल रहा है।
वहीं कबाड़ी बाजार में चल रहे कोठों को लेकर आज हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के रुख के बाद अब आगे की कार्रवाई भी तय होगी। लेकिन पूरे प्रकरण में पुलिस-प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि इस नोटिस के आधार पर भवन मालिक कोठा संचालिकाओं से मिलकर अब कोर्ट जाने की तैयारी में लग गए हैं।
कबाड़ी बाजार के रेड लाइट एरिया में कोठों पर देह व्यापार चलने की शिकायतों पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई थी। जिस पर 26 अप्रैल को सुनवाई के दौरान पुलिस-प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। क्योंकि सीएमओ और पुलिस की रिपोर्ट में विरोधाभास था।
सीएमओ की रिपोर्ट जहां यहां देह व्यापार होना पुष्ट कर रही है, तो पुलिस इससे इंकार कर रही है। जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने सभी को कड़ी फटकार लगाते हुए 30 अप्रैल को जवाब देने का निर्देश दिया था।