कहां अपने परों को फड़फड़ाकर शोर करना है, परिंदा सब जानता है, कहां से उड़ान भरनी है, कौन सी जमीन पर उतरना है। परिंदों के लिए सबसे मुफीद ये जमीन इन दिनों हस्तिनापुर ही है। यहां की आब-ओ-हवा इन विदेशी गगनचरों को इतनी रास आती है कि सर्दी आते ही ये हजारों मील की परवाज भरकर यहां उड़े चले आते हैं।
इन रंग-बिरंगे परिंदों का यह सिलसिला इस बार भी बदस्तूर जारी है। रोमांचित करने वाली बात यह है कि गुजरे वर्ष की तुलना में इस बार तीन गुणा अधिक परिंदों का कुनबा यहां हाजिर हो चुका है। सरहदों से बैर रखने की इंसानी फितरत को नसीहत देते हुए ये विदेशी मेहमान हमारे भारतीय पक्षियों से बखूबी घुलमिल गए हैं। इनकी अठखेलियों और कलरव ने पर्यटकों को कड़कड़ाती और गुलाबी सर्दी में गर्माहट का अहसास करा दिया है।
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Migratory birds, प्रवासी पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
सर्दी की आहट होते ही कई देशों से हिमालय को पार कर हस्तिनापुर की सेंचुरी में हजारों की संख्या में सैंकड़ों प्रजाति के प्रवासी पक्षी पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या पेन्टेड स्टॉर्क पक्षियों की संख्या नजर आ रही है। बीते वर्ष में यहां 30 प्रजातियां के आने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन इस बार 100 से अधिक प्रजाति यहां पहुंच चुकी हैं।
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Migratory birds, प्रवासी पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
इस बार साइबेरिया, चीन, जापान, कंबोडिया, मंगोलिया, रूस और यूरोपीय देशों से हजारों मील की दूरी तय कर नाइट हेरॉन, पॉन्ड हेरॉन, पेन्टेड स्टॉर्क, ब्लैक हेडेडलबिस ओपेन बिल स्टार्क, लिटिल कॉरमोनेंट, कॉमन ग्रेहार्नबिल आदि पक्षी पहुंचे हैं। इनके लिए सेंचुरी में मौजूद वेटलैंड में भरपूर भोजन है।
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Migratory birds, प्रवासी पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
ये पक्षी हस्तिनापुर सेंचुरी में करीब तीन माह प्रवास करने के बाद अपने देश लौट जाएंगे। प्रवासी पक्षी जिन देशों से आते हैं, वहां ठंड अधिक होती है। ऐसे में यहां का मौसम उनके भोजन और प्रजनन के लिए मुफीद होता है। इसी वजह से हर साल नवंबर और दिसंबर में इनका आना शुरू हो जाता है। इनमें साइबेरियन पक्षियों की संख्या ज्यादा होती है।
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Migratory birds, प्रवासी पक्षी
- फोटो : Amar Ujala
पर्यटकों को लुभा रहा पेन्टेड स्टॉर्क पक्षियों का झुंड
पेन्टेड स्टॉर्क पक्षियों का झुंड अंधेरे में सक्रिय होता है। इसके सुनहरे गुलाबी पंख और पीली चोंच के साथ लाल पंजे वेटलैंड में आने वाले पयर्टकों को लुभा रहे हैं।
वहीं सिलेटी और काले रंग का नाइट हेरॉन पक्षी बला का खूबसूरत होता है। यह मछली और कीड़े खाता है। इसकी आंखें लाल व पंजे पीले रंग के होते हैं। नर व मादा एक जैसे दिखते हैं, लेकिन नर पक्षी आकार में बड़ा होता है।