आज विजयादशमी का पर्व है। अहंकार और बुराइयों के प्रतीक दशानन का दहन होगा। इधर शहर में भी समस्याओं का अंबार है। आखिर इन समस्याओं के दशानन का दहन कब होगा। कवायदें हो रही हैं पर समस्याएं भी बढ़ती ही जा रही हैं। शहर में स्थिति खराब है। ये दस समस्याएं दूर हो तो शहर में विकास की योजनाओं को भी मूर्तरूप मिल सकेगा...
हैप्पी दशहरा 2018: मेरठ की इन 10 बड़ी समस्याओं के दशानन का कब होगा दहन
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अतिक्रमण
शहर की बड़ी समस्या, जिसके कारण सड़कें संकरी हो गयी हैं। सड़कों पर अतिक्रमण के कारण ही शहर जाम की चपेट में रहता है। अनेक बार शासन-प्रशासन स्तर पर अतिक्रमण के खिलाफ योजनाएं बनीं। लेकिन योजना का क्रियान्वयन धरातल पर नहीं हो सका। जिसका परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कूड़ा
यह समस्या भी अहिरावण जैसी है। कूड़े से पूरा शहर सड़ रहा है। आए दिन हंगामे और राजनीति हो रही है। लेकिन इस समस्या का दहन नहीं हो रहा है। शासन ने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया। शहरों को कूड़ा मुक्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी अधिकारियों की लापरवाही बरकरार है।
सड़कों पर अंधेरा
इस पर पूरे साल युद्ध चलता है। सोडियम से एलईडी में बदले पथप्रकाश से न तो ऊर्जा बच रही है और न ही पथ प्रकाश में सुधार हुआ। शहर के कुछ इलाकों में 24 घंटे पथ प्रकाश रहता है तो कहीं बल्ब तक नहीं जलते। स्ट्रीट लाइट को लेकर लगातार हंगामा होता है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
अवैध कब्जे
सरकारी स्कूलों का हाल बुरा है। प्राथमिक स्कूलों में सुधार नहीं हो रहा है। जर्जर भवनों में स्कूल चल रहे हैं। न वहां लाइट है और न पंखे। यहां तक कि मिड-डे मील के नाम पर भी कई स्कूलों में बच्चे खाली प्लेट ही खनखनाते हैं।