सहारनपुर गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों के यहां डकैती डालने का ताना बाना आगरा के बशीर ने बुना था, लेकिन आगरा के जीआरपी इंस्पेक्टर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। दरअसल, बशीर ने इंस्पेक्टर को अपने विश्वास में लेकर उसे इस लूट के लिए उकसाया था। जानें आखिर क्या था वर्दी में की गई इस लूट का मकसद: -
वर्दी में डकैती: बशीर खान ने बुना था लूट का ताना-बाना, ये था जीआरपी इंस्पेक्टर का मकसद
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जीआरपी के इंस्पेक्टर और उसकी टीम के साथ मिलकर गेहूं व्यापारी को उठाकर दबाव बनाने और फिर अवैध वसूली करना इनका मकसद था, लेकिन वारदात के समय हल्ला मचने पर इनकी प्लानिंग फेल हो गई और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
दरअसल, आगरा के शहीदनगर निवासी बशीर खान काफी समय से गेहूं खरीद-फरोख्त करने वालों के संपर्क में रहता है। यह बात उमाही गांव में डकैती के शिकार हुए मोहम्मद अख्तर निवासी मंडावली सैदू बिजनौर ने पुलिस को वारदात के बाद बताई।
अख्तर ने पुलिस को बताया कि आगरा निवासी बशीर खान को वह पहले से जानता है, क्योंकि बशीर खान गेहूं खरीद फरोख्त करने वालों से अवैध वसूली करता है। अवैध वसूली क्यों करता है, इस बारे में अख्तर ने बताया था कि कुछ लोग गेहूं खरीदने बेचने में पलटेबाजी (धोखाधड़ी) करते हैं, जिसमें किसान से खरीदने और व्यापारी को गेहूं बेचने में गड़बड़ी कर दी जाती है। यह बात बशीर को पता थी कि गेहूं खरीदने-बेचने वालों के पास मोटी धनराशि होती है।
मोहम्मद अख्तर ने पुलिस को बताया कि सोमवार तड़के जब आरोपियों ने उसके यहां डकैती डाली और रुपये लेने के बाद उसको भी कार में डालकर जबरन ले जाने लगे, तो उसने शोर मचा दिया था। इस पर उमाही गांव के निकट मुल्लाजी का ढाबे पर बैठे लोग इकट्ठा हो गए थे। इस कारण आरोपी उसको कार में डालकर नहीं ले जा पाए थे।