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गोपाष्टमी पर विशेष: अंकित ने शुरू की ये अनूठी मुहिम, गोबर को रोजगार से जोड़ा, तस्वीरें

Sun, 22 Nov 2020 03:38 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Sun, 22 Nov 2020 03:38 PM IST
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Gopashtami 2020, Ankit has linked cow dung to employment in Shamli
गाय के साथ अंकित और गोबर से बना सामान - फोटो : अमर उजाला

घरों से दूर होती जा रही गायों को उनके ‘घर’ तक पहुंचाने के लिए अंकित ने अनूठी मुहिम शुरू की है। उन्होंने देसी गाय के गोबर को रोजगार से जोड़ा है। अपने आसपास के गांवों में निराश्रित घूमने वाली गायों को वापस लोगों तक पहुंचा रहे हैं। वह गोपालकों से गाय का गोबर खरीदते हैं और उससे हैंडीक्राफ्ट का सामान बनाकर बेचते हैं। गोबर से बने सामान को देखकर लोग आकर्षित हुए बिना नहीं रहते।

Gopashtami 2020, Ankit has linked cow dung to employment in Shamli
गोबर से बना सामान - फोटो : अमर उजाला

शामली में थानाभवन क्षेत्र के गांव कुतुबगढ़ निवासी अंकित एमएससी (एग्रीकल्चर) करने के साथ ही भोपाल में रहकर गोबर पर रिसर्च कर चुके हैं। 2014 तक उन्होंने रुड़की में एग्रीकल्चर कंपनी में नौकरी की, इसके बाद घर आ गए। उन्होंने निराश्रित घूमने वाली गायों को घरों तक पहुंचाने के लिए काम शुरू किया। अंकित बताते हैं कि दूध नहीं देने पर लोग गायों को छोड़ देते हैं। इसलिए उन्होंने गाय के गोबर को रोजगार से जोड़ा। फिलहाल वह अपने आसपास के सात गांवों में काम कर रहे हैं।

Gopashtami 2020, Ankit has linked cow dung to employment in Shamli
गोबर से बना सामान - फोटो : अमर उजाला

इनमें 50 से ज्यादा देसी गायों को पशुपालकों तक पहुंचाया। उनसे 30 रुपये किलो सूखा गोबर खरीदते हैं और उसे हैंडीक्राफ्ट का सामान बनाते हैं। तैयार सामान हैदराबाद और मुंबई में बेचते हैं और कृषि मेलों में प्रदर्शनी भी लगाते हैं। वह सहारनपुर के रामपुर मनिहारान और उत्तराखंड में काम कर चुके हैं। वहां भी उन्होंने करीब 150 से ज्यादा देसी गायों को लोगों के घरों तक पहुंचाया। 

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Gopashtami 2020, Ankit has linked cow dung to employment in Shamli
गोबर से बना सामान - फोटो : अमर उजाला

इन गांवों में घूमकर करते हैं प्रेरित 
अंकित अपने गांव कुतुबगढ़ के अलावा लतीफगढ़, मोर माजरा, गोगवान, मुल्लापुर, जमालपुर, कितारसी में लोगों को गाय पालने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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Gopashtami 2020, Ankit has linked cow dung to employment in Shamli
गोबर से बना सामान - फोटो : अमर उजाला

गुड़िया, ट्रॉफी और मूर्तियां करते हैं तैयार 
अंकित गाय के सूखे गोबर को खरीदकर उसे मशीन से पीसते हैं। उसमें प्री-मिक्स मिलाकर देवी की मूर्तियां, ट्रॉफी, गुड़िया, सजावटी शीशे, दीवारों पर लगने वाली कलाकृतियां, गमले, दीये, मोबाइल स्टैंड समेत करीब 40 तरह के हैंडीक्राफ्ट के सामान तैयार करते हैं। वह बताते हैं कि देसी गाय का गोबर शुभ होता है। फिलहाल तो उन्हें जो भी कमाई होती है उसका ज्यादातर हिस्सा गोबर खरीदने में चला जाता है। लाभ कमाने से ज्यादा उनकी कोशिश यह रहती है कि लोग गायों को निराश्रित न छोड़ें। फिलहाल वह प्रति माह लगभग डेढ़ क्विंटल गोबर खरीद रहे हैं।

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