यूपी के शामली जिले के भैंसानी के जंगल में बंद पड़े ईंट भट्ठे पर पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनामी समयदीन को मार गिराया गया। पुलिस के अनुसार, समयदीन को नई-नई गर्लफ्रेंड बनाने का शौक था और इसी कारण पुलिस तक उसकी जानकारी पहुंची। मौके का फायदा उठाकर पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
जांच में पता चला कि समयदीन लगातार अपने गिरोह का संचालन कर रहा था। पहले वह मुकीम काला गैंग का सदस्य था और इससे पहले बागपत के राहुल खट्टू गैंग से भी जुड़ा रहा था। अपने गिरोह के तीन सदस्यों की प्रेमिकाओं के साथ वह लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था।
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समयदीन की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके कारण वह कर्नाटक की एक गर्लफ्रेंड के संपर्क में था। पुलिस ने समयदीन के मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए उसे पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही वह कर्नाटक से शामली पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया।
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अस्पताल में पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा, अलाउद्दीनपुर के मिथुन तक भी पुलिस दिल्ली और राजस्थान की गर्लफ्रेंड के जरिए पहुंची थी। एक दिसंबर को मिथुन को झिंझाना क्षेत्र में पुलिस ने मार गिराया था। एसपी ने बताया कि समयदीन के गिरोह में आठ से नौ अन्य सदस्य भी हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मौके पर पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नफीस की दो शादियां
पुलिस के अनुसार, नफीस की दो शादियां हुई थीं। पहली पत्नी रुकसाना की छह साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद उसने कोलकाता की रहने वाली शमा से दूसरी शादी की। शादी के बाद नफीस अपनी दूसरी पत्नी के साथ कोलकाता में रह रहा था और कभी-कभी वारदातों के लिए शामली आता था। यहां वह कपड़े की फेरी की आड़ में अपराधों को अंजाम दे रहा था।
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मुठभेड़ में आरोपी ढेर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
गिरोह में 20-30 साल के युवाओं को जोड़ रहा था समयदीन
पुलिस की जांच में सामने आया कि 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश समयदीन नफीस की मौत के बाद से खुद गिरोह की कमान संभाल रहा था। उसका गिरोह 20 से 30 साल तक के युवाओं को शामिल करके अपराध की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके।