Ganga Snan 2022: हस्तिनापुर में गंगा मेले का हुआ भव्य उद्घाटन, सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
जिस स्थान पर मेला आयोजित हो रहा है वहां पर गंगा की दो बड़ी धाराएं हैं। पहली धारा में पानी बहुत कम है तो दूसरी धारा में पानी बहुत ज्यादा है इसलिए दूसरी धारा पर जाने से रोकने के लिए गंगा के टापू पर पीएससी के टेंट लगाए जा रहे हैं जहां से श्रद्धालुओं को जाने से रोका जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं को कम पानी में स्नान करना पड़ेगा। इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि इस बार गंगा मेला काफी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रहेगा। मेले स्थल पर पूर्ण रूप से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
इस बार गंगा की अलग-अलग तीन धाराएं प्रवाहित हो रही हैं। पहली धारा पर मेला आयोजित किया जा रहा है। बीते तीन दिनों में जलस्तर कम हो गया है। और पानी कम हुआ तो श्रद्धालुओं को स्नान करने में दिक्कत आ सकती है। श्रद्धालु को गहरे पानी में जाना पड़ेगा।
ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल और पीएसी की मांग की गई है। मेला प्रशासन ने घाट पर दस फीट ऊंचा वॉच टावर बनाया है। मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इंस्पेक्टर ओमप्रकाश चौधरी को मेला प्रभारी बनाया गया है।
फ्लड कंपनी और गोताखोर भी रहेंगे
मेला स्थल पर पेयजल व्यवस्था विद्युत व्यवस्था और सड़कों को दुरुस्त करने का काम करीब पूर्ण हो चुका है। मुख्य द्वार भी बना दिया गया है। गंगा की रेती में तंबुओं की नगरी बसा दी गई है।
दो बड़ी हाइलोजन लाइट गंगा की ओर लगाई गई हैं। जिससे गहरे पानी में जाने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखी जा सके। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पीएसी की फ्लड कंपनी और स्थानीय गोताखोरों की टीमें तैयार की जा रही हैं।
खेती छोड़ गंगा स्नान को जा रहे किसान
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए किसानों का कारवां मखदूमपुर के लिए बढ़ने लगा है। बुधवार को भैसा-बुग्गियों और बैलगाड़ियों की लाइन लगी रही। किसानों ने अपने भैंसों और बैलों की जोड़ी को सजा रखा था।
क्षेत्र के गांव छुर, छबड़िया, ईकड़ी, पाथौली, भलसोना, दबथुवा आदि गांव के लोग अपने भैंसा बुग्गी से गंगा स्नान मेले के लिए बढ़ते नजर आए। किसानों द्वारा अपने भैंसों और बैलों के ऊपर डाली गई झूल और स्पेशल बुग्गी आकर्षण का केंद्र रही। पेराई सत्र शुरू होने के बाद भी किसान गन्ना छिलाई रोकर गंगा मईया के दर्शन को निकल रहे हैं।