पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने उमस भरी गर्मी से आम जनमानस को राहत दिलाई। लेकिन बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं नदियों का जलस्तर बढ़ गया। गंगा का जलस्तर 1 लाख 64 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया है। बारिश होने पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के आसार हैं। आसपास के इलाकों में किसानों में दहशत बनी हुई है। देखे ये तस्वीरें:-
जलस्तर बढ़ने से भयावह हुई गंगा, तटवर्ती इलाकों में दहशत, फसलें जलमग्न, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बिजनौर बैराज से इस समय गंगा में 1 लाख 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जानकारी के अनुसार हरिद्वार भीमगोड़ा बैराज से 3 लाख बीस हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो बिजनौर बैराज के रास्ते हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में तबाही मचाएगा और जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
गंगा नदी इस समय पूरी तरह ऊफान पर है। इसके कारण हस्तिनापुर खादर क्षेत्र के तकरीबन बीस गांव में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बताया गया कि आज शाम तक हस्तिनापुर खादर में भारी मात्रा में पानी पहुंचेगा।
हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से छोड़े गए पानी से गंगा नदी के जलस्तर में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। सुबह छह बजे की रिपोर्ट के अनुसार रात्रि में हरिद्वार में तीन बजे गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 3,20,000 पहुंचा, जबकि बिजनौर बैराज से 1,50,000 क्यूसेक डिस्चार्ज चल रहा है।
प्रशासन ने सभी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। वहीं तटवर्तीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों की फसलें खड़ी हैं जो लगातार क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से जलमग्न होती जा रही हैं। दोपहर बारह बजे तक बिजनौर बैराज से गंगा के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई और जलस्तर 2 लाख 17 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया। उधर तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से खादर क्षेत्र के लोग दहशत में हैं।
गंगा की भयावह तस्वीर देखकर जगह जगह जलस्तर में वृद्धि की चर्चा है। वहीं गंगा के तेज बहाव के कारण कई जगह तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं, लगातार भूमिकटान जारी है। कई किसान फसलों के बचाव के लिए मौके पर डटे हुए हैं और बल्लियों व प्लास्टिक की बोरियों के सहारे तटबंधों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
उधर उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव व थाना प्रभारी हस्तिनापुर, फतेहपुर प्रेम स्थित गंगा तटबंध पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया। यहां अधिकारियों ने गंगा का जलस्तर बढ़ने से होने वाली परेशानियों को लेकर किसानों से चर्चा की और अलर्ट रहने की अपील की।