शामली के झिंझाना थाना इलाके में रंगाना के निकट पोल्ट्री फार्म पर बुधवार की दोपहर में एक लाख रुपये का इनामी गैंग्स ऑफ कैराना का सरगना फुरकान पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया। उसका साथी मौके से भाग गया। कैराना निवासी फुरकान (37) व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या का आरोपी था। उस पर लूट, हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर आदि के 28 मामले दर्ज थे। वर्ष 2014 में व्यापारी विनोद सिंघल की हत्या के बाद से कैराना से पलायन का मामला देश भर में चर्चा में आया था।
बदमाश के कब्जे से कार्बाइन, 9 एमएम की पिस्टल, 19 कारतूस, 10 खोखे और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर को झिंझाना थाना प्रभारी निरीक्षक को सूचना मिली थी कि आर्यपुरी का निवासी फुरकान अपने एक साथी के साथ झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना व खानपुर कलां के बीच स्थित पोल्ट्री फार्म में छिपा है।
सूचना के बाद स्वाट टीम प्रभारी व बाबरी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह तीन पुलिस टीमों के साथ मौके की घेराबंदी कर दी। पुलिस से खुद को घिरा देख बदमाशों ने अंधाधुंध करीब 15 राउंड फायरिंग की। पुलिस ने भी पांच राउंड फायरिंग की। एसपी ने बताया कि फुरकान के सीने में एक गोली लगी थी। उसे सीएचसी ऊन ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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शामली में फुरकान मुठभेड़ पर जश्न मनाते व्यापारी
- फोटो : व्यापारी
हेड कांस्टेबल गोली लगने से घायल
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की तरफ से की गई फायरिंग में स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंद्र को गोली लग गई। उनका सीएचसी ऊन में उपचार कराया गया। प्रभारी निरीक्षक झिंझाना विरेंद्र कसाना, थानाध्यक्ष बाबरी कुलदीप सिंह व स्वाट टीम प्रभारी राहुल सिसौदिया के बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी हैं। तीनों सुरक्षित हैं। एसपी के मुताबिक फुरकान ने रंगदारी नहीं देने पर वर्ष 2014 में कैराना के व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद सिंघल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। आरोप लगाया जाता है कि इसके बाद ही कैराना से पलायन शुरू हुआ था।
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शामली में फुरकान मुठभेड़ पर जश्न मनाते व्यापारी
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सोशल मीडिया से नेटवर्क चला रहा था फुरकान
एक लाख के इनामी कुख्यात फुरकान ने पुलिस से बचने और अपने गिरोह को संचालित करने के लिए सोशल हथियार बना लिया था। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सोनू, राजा और रोमियो जैसे फर्जी नामों से आईडी बनाकर वह गिरोह के सदस्यों से संपर्क करता था। इन्हीं फर्जी अकाउंट के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में रंगदारी, लूट की वारदातों का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
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एक लाख के इनामी कुख्यात फुरकान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान और उसके गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया के माध्यम से ही एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी फर्जी नामों से आईडी बना रखी थीं। कैराना, दिल्ली और बागपत के सदस्यों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम दिया जाता था।