नवरात्र से पहले सहारनपुर में सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में तैयारियां जोरों पर चल रही थीं कि गुरुवार रात में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ से मची तबाही में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। वहीं 60 से 70 दुकानें बह गईं। तस्वीरों में देखिए कैसे है शाकंभरी देवी में हालात-
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मौके पर इकट्ठा हुए लोग
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पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद शिवालिक पहाड़ियों से गुरुवार रात शाकंभरी खोल (नदी) में आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। पीएसी के वाहन समेत श्रद्धालुओं के पांच वाहन बह गए।
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बाढ़ ने मचाई तबाही
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सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी में हर वर्ष लगने वाले सबसे बड़े शारदीय नवरात्र मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। वहीं गुरुवार की रात में अचानक 2 बजे शाकंभरी देवी में खोल में पानी आ गया। जिसमें कई दुकानें बह गईं। इससे कई लोगों के सामने तो रोजी- रोटी का संकट आ गया है।
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बाढ़ में फंसा वाहन
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गंगोह के कुतुबखेड़ी निवासी बबलू कुमार मेले में खिलौनों की दुकान लगाने के लिए आए थे। रविवार को प्रथम नवरात्र से मेला प्रारंभ होना था। करीब डेढ़ लाख रुपये की कीमत के खिलौने लेकर पहुंचे बबलू कुमार ने बताया कि उसके सभी खिलौने बह गए। उसके पास कुछ नहीं बचा। गांव के मांगेराम के पास 80 हजार रुपये के खिलौने थे।
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बाढ़ की सूचना पर पहुंचे अधिकारी
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वहीं थानाभवन के गांव यूनुसपुर निवासी रोहताश के पास 2 लाख रुपये की आर्टिफिशियल ज्वेलरी थी। नानौता के टिकरौल निवासी नीटू के 1.60 लाख रुपये की कीमत के खिलौने, हलवाना के इंद्रपाल का 50 हजार रुपये का पूजा का सामान, इसी गांव के सुरेश के 1.20 लाख रुपये के खिलौने, श्याम सिंह के एक लाख रुपये के खिलौने, प्रदीप के 50 हजार, राजू बेहट और अमन के भी 50-50 हजार रुपये के खिलौने पानी में बहकर चले गए।