पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा उफान पर है। मेरठ के हस्तिनापुर में खादर क्षेत्र में आई बाढ़ से दर्जनों गांवों में फंसे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीण पिछले चार दिनों से घरों में कैद हैं।
वहीं, जिलाधिकारी और एसएसपी ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाने के दिशा निर्देश दिए।
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हस्तिनापुर में बाढ़।
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बताया गया कि रविवार शाम को गंगा का जलस्तर एक लाख 88 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया था। उधर, हरिद्वार बैराज के गेट के क्षतिग्रस्त होने से खादर क्षेत्र के लोग भी चिंतित हो गए थे। तुरंत लोगों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील भी की गई थी। हालांकि रविवार के मुकाबले सोमवार शाम में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अभी परेशानी कम नहीं हुई है।
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हस्तिनापुर में बाढ़।
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जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के साथ हस्तिनापुर के बाढ़ ग्रस्त गांव लतीफपुर बाढ़ चौकी पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी एवं एसडीएम अखिलेश यादव से स्थिति की जानकारी ली और बाढ़ राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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डीएम दीपक मीणा।
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जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए गंगा किनारे के आसपास मौजूद गांव के लोगों को सतर्क किया जाए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाने की अपील की जाए। उन्होंने खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम, बड़ी चामरोध, सिरजेपुर, हादीपुर गांवड़ी, किशनपुर भीमकुंड आदि गांव के हालातों की जानकारी एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी और एसडीएम अखिलेश यादव से ली।
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हस्तिनापुर के दर्जनों गांवों तक पहुंचा पानी।
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बाढ़ चौकी पर तैनात अधिकारियों से कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही या अनियमितता न बरतें। उन्होंने कहा कि गंगा में जलस्तर घटने-बढ़ने का क्रम लगातार जारी है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।