सहारनपुर के गंगोह के कुंडाबसी गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट को याद कर मजदूर सिहर उठते हैं। उनका कहना है कि धमाके से कान सुन्न हो गए थे। काफी देर तक कुछ सुनाई नहीं दिया। दो साथियों की मौत का मंजर याद कर किसी भी मजदूर ने रात के समय खाना नहीं किया। अब उन्हें चिंता सता रही है कि फैक्टरी बंद हो चुकी है और उन्हें घर लौटना पड़ेगा।
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के चांदपुरा निवासी अविनाश ने बताया कि वह अन्य साथियों के साथ फैक्टरी के दूसरे हिस्से में पैकिंग और अन्य काम कर रहा था। दीपराज, संदीप, आकाश और राहुल पीछे वाले हिस्से में पटाखों के लिए बारूद का मसाला तैयार कर रहे थे।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अचानक इतना तेज धमाका हुआ कि कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि क्या हो गया। टिन शेड का एक टुकड़ा सिर में आकर लगा, जिस कारण चोट लगी। चारों तरफ धुआं और धूल फैल गई।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खंडवा जिले के फिफराड़ गांव निवासी आकाश ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरी फैक्टरी हिल गई। ऐसा लगा जैसे कोई बहुत बड़ा बम फट गया हो। कुछ देर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। काफी देर तक कान से कुछ सुनाई भी नहीं दिया।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खरगोन जिले के दोड़वा गांव निवासी रोहित ने बताया कि वह करीब एक माह पहले आया था, जिस समय विस्फोट हुआ फैक्टरी के दूसरे हिस्से में काम कर रहा था। बाद में पता चला कि दो साथियों की मौत हो गई और दो का अब तक कोई पता नहीं चल सका।
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विस्फोट के बाद अपने साथियों को खोने के गम में मायूस बैठे मध्य प्रदेश के मजदूर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खंडवा जिले के बांगरदा निवासी पीयूष ने बताया कि विस्फोट के बाद सभी बहुत घबरा गए थे। सबसे पहले हमने अपने घर फोन कर परिवार वालों को बताया कि हम सुरक्षित हैं। धमाका इतना तेज था कि अब भी कानों में गूंज रहा है।