मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में स्थित मोहल्ला बागड़ियान माता का बाग में शनिवार शाम बड़ा हादसा होने से बच गया। नाले में बहते काले तेल में आग लग गई। आग भड़कने और ऊंची लपटों से इलाके में अफरातफरी मच गई। तेल के खेल से जुड़े लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को बिना सूचना दिए खुद ही आग बुझाने का प्रयास किया। करीब आधा घंटा की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।
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तस्वीरें: अचानक आग का दरिया बना नाला, उठने लगीं ऊंची लपटें, फिर खुली काले तेल की पोल
Sun, 01 Dec 2019 11:53 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 01 Dec 2019 11:53 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मोहल्ला बागड़ियान माता का बाग से सटे नाले में शनिवार शाम अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। ऊंची-ऊंची लपटें देख लोगों की भीड़ जमा हो गई और अपने आप ही आग बुझाने में जुट गए। क्षेत्रीय लोगों में घटना को लेकर खासी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि शहर के कई हिस्सों में काले तेल का खुलासा हो चुका है।
मोहल्ला बागड़ियान माता का बाग में भी वाहनों से निकलने वाले इंजन ऑयल को फिल्टर करने का काम होता है। एक ही परिवार के काफी लोग इस काम से जुड़े हैं। यहीं काम करने वाले कुछ लोगों द्वारा 30 से 40 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से काला इंजन ऑयल बाइक मिस्त्रियों से खरीदकर यहां लाया जाता है और फिल्टर होता है। अपशिष्ट पदार्थ नाले में बहा दिए जाते हैं। नालों से उठती दुर्गंध बेचैनी की वजह बनी है।
मोहल्ला बागड़ियान माता का बाग में भी वाहनों से निकलने वाले इंजन ऑयल को फिल्टर करने का काम होता है। एक ही परिवार के काफी लोग इस काम से जुड़े हैं। यहीं काम करने वाले कुछ लोगों द्वारा 30 से 40 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से काला इंजन ऑयल बाइक मिस्त्रियों से खरीदकर यहां लाया जाता है और फिल्टर होता है। अपशिष्ट पदार्थ नाले में बहा दिए जाते हैं। नालों से उठती दुर्गंध बेचैनी की वजह बनी है।
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आबादी में ज्वलनशील पदार्थों के ड्रम न करा दें हादसा
बागड़ियान मोहल्ला के अंदर कई गोदाम बने हैं, जहां काले तेल के कई ड्रम बताए गए हैं। गोदाम में भारी मात्रा में गाड़ियों से निकला इंजन ऑयल मौजूद रहता है। एक समय में 300 से 400 ड्रम यहां रखे होते हैं।
घनी आबादी क्षेत्र में स्थित इन गोदामों के ड्रमों में किसी कारणवश आग लग जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय व्यापारी प्रिंस का कहना है कि वह कई बार इसकी शिकायत पुलिस से कर चुके हैं। शहर में कई बड़ी आग की वारदात होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा। नाले में आग के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
बागड़ियान मोहल्ला के अंदर कई गोदाम बने हैं, जहां काले तेल के कई ड्रम बताए गए हैं। गोदाम में भारी मात्रा में गाड़ियों से निकला इंजन ऑयल मौजूद रहता है। एक समय में 300 से 400 ड्रम यहां रखे होते हैं।
घनी आबादी क्षेत्र में स्थित इन गोदामों के ड्रमों में किसी कारणवश आग लग जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रीय व्यापारी प्रिंस का कहना है कि वह कई बार इसकी शिकायत पुलिस से कर चुके हैं। शहर में कई बड़ी आग की वारदात होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन कोई सबक नहीं ले रहा। नाले में आग के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
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तेल का खेल छिपाने की कोशिश
जब नाले में आग लगी तो वहां पूछने पर कुछ लोगों ने बताया कि नाले में पॉलीथिन आदि कूड़ा जमा हो गया था, इसलिए उस पर तेल डालकर उसे जला दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि जिन लोगों ने ये बताया, वह इस तेल के खेल से जुड़े हैं।
इलाके के गोदामों में 300-400 तेल से भरे ड्रमों और इस अवैध कारोबार का भांडा न फूट जाए, इसलिए इन लोगों ने आग की वजह कुछ ओर बताकर फायर ब्रिगेड को भी सूचना नहीं दी थी। यही नहीं, जब अन्य लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड आग बुझाने पहुंची तो आग का कारण पूछने पर पॉलीथिन में आग लगाना बताया गया।
जब नाले में आग लगी तो वहां पूछने पर कुछ लोगों ने बताया कि नाले में पॉलीथिन आदि कूड़ा जमा हो गया था, इसलिए उस पर तेल डालकर उसे जला दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि जिन लोगों ने ये बताया, वह इस तेल के खेल से जुड़े हैं।
इलाके के गोदामों में 300-400 तेल से भरे ड्रमों और इस अवैध कारोबार का भांडा न फूट जाए, इसलिए इन लोगों ने आग की वजह कुछ ओर बताकर फायर ब्रिगेड को भी सूचना नहीं दी थी। यही नहीं, जब अन्य लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड आग बुझाने पहुंची तो आग का कारण पूछने पर पॉलीथिन में आग लगाना बताया गया।
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शहर में कई जगह हो रहा यह धंधा
कई थाना क्षेत्रों में काले तेल और इंजन ऑयल फिल्टर करने का काम काफी बड़े स्तर पर किया जा रहा है। पुलिस से साठगांठ से यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड, लिसाड़ीगेट इसके केंद्र हैं, जहां से दूसरे शहरों में भी माल तैयार कर सप्लाई किया जाता है। बताया तो यहां तक जाता है कि नकली इंजन ऑयल भी इसी काले तेल की मदद से बनाया जाता है।