अकेले बदमाश आलिम ने एक घंटे तक तीन थाने की पुलिस फोर्स व क्राइम ब्रांच को खूब छकाया। सामने गोली चलती देख मुठभेड़ में बदमाशों का एनकाउंटर करने वाली पुलिस के पसीने छूट गए और क्राइम ब्रांच भी पीछे हटी रही। चेयरपर्सन पति को बुलाकर उसकी बदमाश से बातचीत कराई। तब जाकर बदमाश ने खुद को सरेंडर किया। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
किठौर के शाहजमाल में एक मंडप में घुसकर शातिर आलिम किठौर पुलिस पर गोलियां चलाकर ललकार रहा था। इसकी जानकारी लगते ही मुंडाली, खरखौदा और क्राइम ब्रांच टीम भी मौके पर पहुंच गई। आलिम पुलिस को धमकी दे रहा था कि अगर कोई आगे आया तो गोली मार देगा। नतीजा यह हुआ कि पुलिस फोर्स को पीछे हटना पड़ा।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
ऐसा लग रहा था कि मानो मंडप में कोई आतंकी घुस गया हो। क्राइम ब्रांच भी आलिम का मोर्चा नहीं ले सकी। चेयरपर्सन पति सलमान को मौके पर बुलाया। इसके बाद आलिम ने सरेंडर किया।
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मेरठ पुलिस
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झुकना पड़ा बदमाश के सामने
मुठभेड़ में बदमाश को ढेर करना या पैर में गोली मारना पुलिस का रोजाना का काम था। लेकिन शुक्रवार को बदमाश ने सामने से गोली चलाई तो पुलिस को झुकना पड़ा। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे कि पुलिस को नेताओं की शरण में क्यों जाना पड़ा। नेता के कहने पर सरेंडर किया। आलिम चिल्ला रहा था कि उसको किठौर थाने में बंद किया जाए।
अगर दोनों ओर से गोली चलती तो हो सकती थी अनहोनी
वसीयत फार्म हाऊस में सरेआम दिनदहाडे़ मुठभेड में अगर दोनों ओर से गोली चलती तो बड़ी घटना घटित हो सकती थी। घटना स्थल से कुछ ही दूरी पर हापुड स्टेंड और पास में ही इन्टर कॉलिज था। बदमाश और पुलिस की फायरिंग होते ही स्कूल का गेट बंद करा दिया गया। चैयरपर्सन पति के आग्रह के बाद आलिम ने अपना तमंचा बाहर फेंक दिया था लेकिन एक असलाह अपने पास ही रखा। ऐसे में बदमाश अगर बाहर निकलकर गोली चला देता तो किसी की भी जान जा सकती थी। क्योंकि किसी भी पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रुफ जैकेट नहीं पहन रखी थी।