राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर वेस्ट यूपी के आठ जनपद हैं। आईएसआईएस का पश्चिम के हथियार सप्लायरों से कनेक्शन सामने आने पर अलर्ट है। जांच एजेंसियां इन जिलों के चिह्नित गांवों में किठौर के राधना गांव की तरह सर्च ऑपरेशन चला सकती हैं।
NIA के रडार पर वेस्ट यूपी के आठ जिले, नईम ने बताए 25 साथियों के नाम, सर्च ऑपरेशन जारी
अवैध हथियार बनाने के मामले में किठौर का राधना गांव सबसे ऊपर है जहां बिहार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी हथियार तस्करी कर लाए जाते हैं। यह भी बताया गया कि राधना के करीब 25 घरों में अवैध हथियारों का काम होता है। पूर्व में जब भी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने कोई भी गिरफ्तारी की तो यही सामने आया कि यहां के लोग हथियारों को लेकर कोड वर्ड में बात करते हैं।
किठौर के अलावा परीक्षितगढ़ क्षेत्र और सरूरपुर का मैनापूठी गांव भी चर्चा में रहता है। दरअसल राधना निवासी हथियार सप्लायर नईम की गिरफ्तारी के बाद एनआईए और एटीएस की टीमों ने शनिवार को सीआरपीएफ और पीएसी के साथ किठौर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया था। जांच एजेंसियों को नईम के साथी आरिफ और मतलूब की तलाश थी। राधना के पास एक बाग में छोटे हथियारों की ट्रेनिंग देने की बात सामने आने पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉयड के साथ यहां भी सर्च किया गया था।
नईम ने 25 लोगों के नाम बताए
पुलिस का दावा है कि नईम ने अपने गांव राधना के 25 लोगों के नाम बताए हैं जो हथियार सप्लाई करते हैं। उसने यह भी बताया कि राधना के बनाए हुए हथियार वेस्ट यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में सप्लाई होते हैं। इन सप्लायरों को किस-किस नेता का संरक्षण मिलता है, यह सारी बातें उसने पूछताछ के दौरान बताई हैं। हर्रा, सरूरपुर, किठौर और राधना के हथियार तस्कर घरों से फरार हैं। इन हथियार तस्करों को पता है कि कभी भी उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
अब विस्तृत चलेगा सर्च ऑपरेशन
सूत्रों की मानें तो अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गांवों में जांच एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां किठौर के राधना और उससे मिले कुछ इलाकों के अलावा सरूरपुर के हर्रा खिवाई और सरधना के दो गांवों के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, हापुड़ और बुलंदशहर समेत 8 जिलों के चिह्नित गांवों में सुरक्षा एजेंसियां सर्च ऑपरेशन कभी भी चला सकती हैं।