जय श्री राम....जय श्री राम.....चारों तरफ गूंजे राम के जयकारे, बुधवार को देशभर में दशहरे को लेकर लोगों में काफी उत्साह नजर आया। कई जगहों पर दशहरे का आयोजन किया गया। मेरठ में दशहरे पर शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर रावण दहन का आयोजन हुआ। श्री राम ने अग्निबाण से रावण का वध कर असत्य पर सत्य की विजय हांसिल की। शहर की कई कॉलानियों के साथ सदर, लालकुर्ती, रजबन, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, बुढ़ाना गेट आदि स्थानों पर बच्चों ने स्वयं रावण के पुतले बनाए।
रामलीला समितियों ने भ्रष्टाचार, अपराध, रोग, मोह, गंदगी, लालच, अन्याय, आतंकवाद, महिला उत्पीड़न, अत्याचार जैसी दस बुराइयों का प्रतीक रावण को मानकर पुतला दहन किया गया। विभिन्न स्थानों पर 80 से 130 फीट के रावण, कुंभकरण, मेघनाथ के पुतलों के साथ सोने की लंका का भी दहन किया गया। छावनी रामलीला में काया कला केंद्र दिल्ली के कलाकारों ने दो रावण और राम के बीच युद्ध दिखाया। पहली बार दो स्टेज तैयार किए गए। मंच के साथ जमीन पर भी युद्ध हुआ।
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रावण दहन
- फोटो : अमर उजाला
रावण के पुतले की लकड़ी लेने की मची होड़
शास्त्रीनगर के-ब्लॉक में रावण पुतला दहन होने के बाद लोगों पुतले की लकड़ी लेने के लिए मैदान में दौड़ पड़े। लोगों में भ्रांति है कि रावण के पुतले की लकड़ी घर में रखने से सुख, शांति मिलती है। भय से मुक्ति मिलती है। रावण पुतला दहन के दौरान भी पुलिस को भीड़ हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
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रावण दहन
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कंकरखेडा में 80 फीट का रावण और 75 फीट के कुंभकरण का दहन
कंकरखेड़ा स्थित मार्शल पिच पर मैदान में 80 फीट रावण, 75 फीट कुंभकरण और 70 फीट के मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। मित्र मंडल समिति एवं कंकरखेड़ा व्यापार संघ के मेले का आयोजन किया गया। बुधवार शाम लगभग साढ़े सात बजे मेले का उद्घाटन संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल ने किया।
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रावण दहन
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कसेरूखेड़ा में आयोजित दहशरे मेले में रावण पुतले की धधकती आंखों और घूमती गर्दन ने लोगों को खासा अकर्षित किया। मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिवदासी सोनू कैलाशी ने किया। कमेटी अध्यक्ष विनोद सोनकर व उपाध्यक्ष रुचिकर मित्तल ने उनका स्वागत किया। मेले में क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार की मां इंद्रेश मावी भी मौजूद रहीं।
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सुरेंद्र शर्मा ने राम दरबार की आरती की। इसके बाद श्रीराम और रावण के बीच युद्ध हुआ। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए। संचालन संजय प्रजापति ने किया। पुतला निर्माण व रामलीला कलाकारों व कमेटी सदस्यों को मंच पर सम्मानित किया गया।