दो सहेलियों की आत्महत्या बनी रहस्य, टैक्सी लेकर चार दिन तक साथ घूमीं, घर लौटकर एक साथ दे दी जान
परिजनों ने साधी चुप्पी, कार्रवाई से भी किया इंकार
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करीब तीन साल पूर्व हिमांशी की शादी होने के बाद भी जूली कई बार उससे न केवल लड़वा आकर मिली, बल्कि अक्सर अमरोहा स्थित ससुराल भी जाती रहती थी। एसओ ने बताया कि जूली के कपड़ों व उसकी कार की तलाशी लेने पर तंबाकू व गुटखे भी बरामद हुए हैं। परिजन दोनों के संबंधों को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं और कार्रवाई से भी इंकार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस अब समलैंगिकता से जोड़कर घटना की जांच कर रही है।
पांच दिन से एक साथ घूम रही थी दोनों
अक्सर जूूली गांव लड़वा में हिमांशी के घर आती-जाती रहती थी। करीब 20 दिन पूर्व हिमांशी बेटे के साथ परिजनों से मिलने मायके आई थी। परिजनों के अनुसार पांच जुलाई को जूूली कार से लड़वा आई थी, जिसके बाद दोनों सहेलियां कहीं घूमने जाने की बात कहकर घर से निकल गई थी।
अगले दिन वहां से लौटकर दोनों सहेलियां भोपा क्षेत्र के गांव अथाई निवासी जूली के बहनोई सुधीर के यहां चली गईं थीं और बुधवार सुबह 11 बजे ही वहां से लौटी थीं।
शवों के पास पड़ी थी जहर की शीशी
शाम करीब चार बजे घर का काम खत्म कर हिमांशी की मां व चाची घर की ऊपरी मंजिल पर चली गई थीं, जबकि दोनों सहेलियां नीचे बरामदे में बैठी बात कर रही थी। हिमांशी की मां ने उन्हें ऊपर आने के लिए कहा तो दोनों अचेत पड़ी मिली। यह देख परिजन उनके पास पहुंचे और डॉक्टर को बुलाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
दोनों शवों के पास जहर की खाली शीशी भी पड़ी मिली। घटना की सूचना पर तितावी एसओ कपिलदेव टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली, लेकिन पीड़ित परिजनों ने आत्महत्या के संबंध में कुछ भी पता होने से इंकार कर दिया।