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ट्रेजडी किंग की खास यादें: अभिनेता वेद थापर को बुलाते थे लाले पुत्तर, पढ़ें उनसे जुड़े कुछ अनसुने किस्से

Thu, 08 Jul 2021 01:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 08 Jul 2021 01:59 PM IST
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Dilip Kumar had come to Meerut many times and read special memories related to Tragedy King
दिलीप कुमार की यादें। - फोटो : amar ujala

ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार यों ही खास नहीं थे। उनका मेरठ से गहरा नाता रहा। यहां उनका जब-तब आना-जाना ही नहीं हुआ था, वह यहां के लोगों के दिलों में बसते थे। हर किसी के पास उनके अपनेपन के किस्से हैं। इनसे पता चलता है कि फिल्मी दुनिया में व्यस्तता के बावजूद वह निजी रिश्तों को पूरी अहमियत देते थे। बुधवार को उनकी मौत के बाद तमाम लोगों ने उन्हें शिद्दत से याद किया।



दिलीप कुमार मेरठ में जलकोठी स्थित नादिर अली एंड कंपनी वालों के परिवार के पास कई बार आए और यहां रहे। इस परिवार से दिलीप कुमार के पारिवारिक रिश्ते रहे। उनके इंतकाल की खबर से परिवार के लोग बेहद दुखी नजर आए। नादिर अली एंड कंपनी के डायरेक्टर फाईज आफताब ने बताया कि उनके ताया मोहम्मद सईद दिल्ली स्थित चांदनी चौक में इंदिरा फिल्म डिस्ट्रीब्यूटिंग कंपनी चलाते थे। वह नई फिल्में लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सिनेमा में पहुंचाते थे। 

दिलीप कुमार और मोहम्मद सईद के व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ पारिवारिक रिश्ते थे। बताया गया कि दिलीप कुमार की लीडर फिल्म में ‘मुझे दुनिया वालो शराबी न समझो...’ में जो ट्रंपेट बजाया था, वह ताया मोहम्म्द सईद ने दिलीप कुमार को तोहफे में दिया था। वह ट्रंपेट मेरठ की नादिर अली एंड कंपनी में तैयार किया गया था। परिवार ने दिलीप के साथ खिंचाए फोटो संजो कर रखे हैं। परिवार वाले बताते हैं कि जब 16 जनवरी, 2002 को ताया सईद का इंतकाल हुआ तो दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने फोन पर शोक संवेदना व्यक्त की थी।

Dilip Kumar had come to Meerut many times and read special memories related to Tragedy King
दिलीप कुमार की यादें। - फोटो : amar ujala

अभिनेता वेद थापर को बुलाते थे लाले पुत्तर
राजा रेंचो धारावाहिक से चर्चा में आए भूमिया पुल निवासी अभिनेता वेद थापर ने बताया कि दिलीप कुमार से मुंबई में उनकी कई बार मुलाकात हुई। दिलीप साहब पख्तूनी भाषा में एक गाना गुनगुगाया करते थे, जो आज भी उन्हें याद है। पाकिस्तान के पेशावर में दिलीप कुमार के घर से एक गली छोड़कर वेद थापर का निवास था।

वेद ने बताया कि वह नेचुरोपैथी भी जानते थे। सायरा बानो ने एक बार उन्हें नाड़ी संबंधी विकार के लिए घर बुलाया था। पहली बार उन्होंने दिलीप कुमार को उसी समय देखा। सफेद लिबास में जिस शख्सीयत को देखने के लिए उनकी पलकें बेकरार थीं। दिलीप को देखते हुए वेद खड़े हुए तो उन्होंने कहा, बरखुरदार बैठे रहो। घर-परिवार की जानकारी होने पर वेद का दिलीप के परिवार से गहरा रिश्ता बन गया। सायरा बानो के प्रोडक्शन में एक सीरियल बनाया जा रहा था। इसमें हर कलाकार के जीवन के एक दिन को दर्शाया जाना था। सीरियल में वेद को करिश्मा कपूर के साथ मौका मिला लेकिन, किसी कारणवश एपिसोड पूरा नहीं हो पाया।

Dilip Kumar had come to Meerut many times and read special memories related to Tragedy King
दिलीप कुमार की यादें। - फोटो : amar ujala

यादगार है साढ़े तीन घंटे की मुलाकात
वेद थापर ने बताया कि मुलाकातों का दौर आगे बढ़ा तो वह मुझे लाले पुत्तर के नाम से बुलाने लगे। इंडियन मोशन पिक्चर प्रोडयूसर एसोसिएशन में सलेक्शन के लिए दिलीप कुमार ने शुभकामना दी। कैमरे से न डरने के गुर भी सिखाए। इस बीच वेद थापर को दिलीप कुमार ने पख्तून भाषा में गाना सुनाया। बताया गया कि दिलीप कुमार उनके दादा और परिवार के अन्य सदस्यों को जानते थे।

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Dilip Kumar had come to Meerut many times and read special memories related to Tragedy King
दिलीप कुमार। - फोटो : amar ujala

शाहनवाज खान के हर चुनाव में प्रचार किया 
दिलीप कुमार का मेरठ के जनरल शाहनवाज खान के परिवार से गहरा रिश्ता था। आजाद हिंद फौज के जनरल शाहनवाज ने छह बार सांसद का चुनाव लड़ा। हर बार दिलीप कुमार ने महीनों मेरठ में रहकर उनके साथ चुनाव प्रचार किया। जनरल शाहनवाज के पौत्र आदिल ने बताया कि पहली बार दिल्ली सागर अपार्टमेंट में उनकी दिलीप कुमार से भेंट हुई। मेरठ के रक्षापुरम निवासी आदिल तब मसूरी में चौथी कक्षा के छात्र थे। दादी करीम जान उन्हें दिल्ली ले गई थीं। आदिल ने बताया कि तब वहां सुनील दत्त भी मौजूद थे। गर्मी की छुट्टी उन्होंने दिलीप कुमार के साथ ही बिताईं। इसके बाद मेरठ, दिल्ली और मुंबई में उनकी कई बार मुलाकात हुई। आदिल ने बताया कि 1999 में दिलीप कुमार राज्यसभा सदस्य थे। बाद में दिलीप कुमार ने उन्हें जूहू चौपाटी पर घुमाया। 

दिलीप के निकाह के गवाह थे शाहनवाज खान
दिलीप कुमार उर्फ यूसुफ खान का सायरा बानो से निकाह हुआ था। आदिल ने बताया कि निकाह में एक गवाह शाहनवाज खान भी थे। निकाह के बाद कई बार दिलीप कुमार मेरठ के सूरजकुंड स्थित कोठी पर आए। 

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दिलीप कुमार की फाइल फोटो

दिलीप के प्यार में शेर मोहम्मद बन गया था शेरू रिक्शा वाला
महानायक दिलीप कुमार के चाहने वालों की लंबी लाइन है। लिसाड़ी गेट क्षेत्र के रसीद नगर ढलाईवाली गली निवासी शेर मोहम्मद ही नहीं, बल्कि उनके दादा और पिता भी दिलीप कुमार के प्रशंसक थे। शेर मोहम्मद के पिता भले ही दिलीप कुमार से नहीं मिल पाए थे लेकिन, शेर मोहम्मद ने दिलीप से मिलने के लिए खुद को शेर मोहम्मद उर्फ शेरू रिक्शा वाले के नाम से मुंबई में मशहूर किया। शेर मोहम्मद एक शानदार रिक्शा लेकर मुंबई पाली हिल में दिलीप के बंगले के आसपास घूमने लगे थे। 

शेर मोहम्मद बताते हैं कि दिलीप कुमार उनके रिक्शे को देखकर बहुत खुश हुए। उन्होंने अपने आवास पर कई बार उनके साथ फोटो भी खिंचाए। दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो ने उनकी मेहमाननवाजी भी की। इतना ही नहीं, फिल्म यमला पगला दिवाना में धर्मेंद्र के साथ एक रिक्शा के साथ पर्दे पर भी आने का अवसर दिया। शेर मोहम्मद ने बताया कि दिलीप कुमार ने उमरा जाते समय बेटे शेर अहमद को खुश होकर कुछ रुपये भी दिए थे।

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