देवबंदी उलमा ने जय श्रीराम कहने को गलत ठहराया, मंत्री को करना होगा दोबारा निकाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फिरोज उर्फ खुर्शीद के राम और रहीम की इबादत करने वाले बयान पर इमरात-ए-शरीया के मुफ्तियों द्वारा जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि अल्लाह के सिवाए किसी और की पूजा (इबादत) नहीं की जा सकती।
बिहार में नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं गन्ना मंत्री बने फिरोज उर्फ खुर्शीद के बयान पर विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि दारुल उलूम सियासी मामलात में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी को बेहतर नहीं समझता।
उन्होंने कहा कि इस्लाम मजहब की बुनियाद उसूलों पर कायम है। बिहार की इमारत-ए-शरीया ने जो फतवा दिया है। वो एकदम सही है। इसलिए इस पर सही और गलत को लेकर किसी भी प्रकार की चर्चा करना दुरुस्त नहीं है।
'इमारत-ए-शरीया का फतवा ठीक'
अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि इमारत-ए-शरीया का फतवा ठीक है। क्योंकि इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं है। अगर कोई इस्लाम धर्म की मर्यादाओं के खिलाफ जाकर किसी और की पूजा करता है तो वह मजहब से खारिज हो जाएगा।
यहां तक उसका निकाह भी खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब मंत्री ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली तो इस पर चर्चा करना ठीक नहीं है, लेकिन माफी मांगने के बावजूद मंत्री को दोबारा निकाह करना होगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/