डेंगू का वार आपको बीमार कर सकता है, लिहाजा सावधान रहने की जरूरत है। डेंगू के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा मुफीद है। बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भरा हुआ है। इसके अलावा कूलर भी बाहर की तरफ लगे रहते हैं, जिनमें बारिश का भी पानी भर जाता है, इसकी नियमित सफाई न होने से डेंगू के लार्वा पनपते हैं, जो बाद में लोगों को डेंगू का मरीज बना देते हैं।
रहें सावधान! इस मौसम में डेंगू कर सकता है वार, ऐसे करें इस बुखार की पहचान और बचाव
पिछले तीन साल से डेंगू ने मेरठ में खूब कोहराम मचाया है। इस दौरान एक हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं। यह तो वह थे जिनकी पुष्टि मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में हुई थी, जबकि हकीकत यह भी है कि इनकी तादाद कहीं ज्यादा थी, क्योंकि बहुत मरीज ऐसे रहते हैं जो प्राइवेट में इलाज कराते हैं और उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं मिल पाती है या नहीं दी जाती है। इतना ही नहीं, साल 2016 में चिकनुगिया ने कोहराम मचाया था। चिकनगुनिया के 1105 मरीज मिले थे।
हर रविवार होगा मच्छर पर वार
स्वास्थ्य विभाग ने भी डेंगू से बचाव के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बुखार के हर रोगी की स्लाइड बनाकर उनकी जांच कराई जाएगी।
कांवड़ यात्रा संपन्न हो चुकी है। इसमें स्वास्थ्य विभाग और जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की इसमें ड्यूटी लगी हुई थी। अब डेंगू से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान और चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। - सत्यप्रकाश, जिला मलेरिया अधिकारी, मेरठ
- डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है
- यह मच्छर ठहरे हुए पानी में पनपते हैं
- डेंगू कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को आसानी से हो जाता है।
- लक्षण तीन से 14 दिन बाद दिखते हैं
- तेज ठंड लगकर बुखार आता है, सिर और आंखों में दर्द होता है, शरीर और जोड़ों में दर्द होता है, भूख कम लगती है
- जी मचलाना, उल्टी और दस्त आने लगते हैं