मौसम का मिजाज़ बदलते ही डेंगू और चिकनगुनिया जैसे खतरनाक मच्छरों का लोगों में खौफ चढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार,पूरे प्रदेश में अब तक डेंगू के भी 11 मरीज सामने आए हैं जबकि चिकनगुनिया के 11 मरीज सामने आए हैं। वहीं अब तक शहर में डेंगू के दो मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। आइए जानते हैं कैसे डेंगू और चिकनगुनिया से बचा जा सकता है और क्या रखें सावधानी:-
डेंगू ने दी दस्तक, रहें होशियार
डेंगू और चिकनगुनिया का घातक वार शुरू हो गया है। मेरठ में डेंगू के अब तक दो मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। शनिवार को डेंगू का एक और मरीज मिला है। यह मरीज तारापुरी निवासी गुलजार (24) है। बुखार होने पर मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार को ब्लड सैंपल की जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई है।इस पूरे सीजन में अब तक मेरठ में चार मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें मेरठ का यह दूसरा मरीज है, बाकी दो मरीज बागपत और बुलंदशहर के रहने वाले हैं। पिछले साल मेरठ में डेंगू के 660 मरीज मिले थे, जबकि 2016 में 183 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई थी।
यहां पनपता है डेंगू का लार्वा
पुराने कबाड़, टायरों, ड्रम और कूलर में भरे पानी में डेंगू का लार्वा ज्यादातर पनपता है। इसलिए जमा पानी जमा होने के कारण डेंगू का खतरा बढ़ा हुआ है। पिछले पांच दिन में चार मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि सिर्फ प्लेटलेट्स गिरने पर यह नहीं समझें कि डेंगू हैं। सामान्य बुखार भी हो सकता है। जांच कराने के बाद ही सही तरीके से पता चलता है कि डेंगू है या नहीं। मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब और जिला चिकित्सालय की लैब में जांच के बाद ही आधिकारिक तौर से डेंगू की पुष्टि मानी जाती है। निजी लैब में पुष्टि होने पर भी इन्हीं लैब में पूरी तरह से पुष्टि करने के लिए सैंपल भेजे जाते हैं।
ऐसे समझें डेंगू और चिकनगुनिया में फर्क
मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया ये सभी जानलेवा बीमारियां मच्छर के काटने से फैलती हैं । बावजूद इसके इन सभी बीमारियों के लक्षण और इलाज में काफी फर्क होता है।हर साल मौसम बदलते ही ये बीमारियां अपने चरम पर रहती हैं और ज्यादातर लोग इन बीमारियों के बीच का फर्क समझ नहीं पाते।जिसकी वजह से रोगी का इलाज सही ढंग से नहीं हो पाता। आइए जानते हैं मच्छर से होने वाली इन दोनों बीमारियां के बीच आखिर क्या बड़ा फर्क है।
ऐसे करें डेंगू की पहचान
डेंगू में बुखार के साथ हाथ-पैर में दर्द रहता है। इंसान को भूख कम लगने लगती है। जी मचलाना और उल्टी करने का भी मन होता है। डेंगू का बुखार बहुत तेज होता है और ठंड के साथ बुखार आता है। डेंगू के बुखार का एक खास लक्षण होता है सिर में और आंखों में तेज दर्द। कभी-कभी आंख और नाक से खून आने के लक्षण भी दिख सकते हैं। स्किन में लाल धब्बे पड़ना भी कभी-कभी देखा गया है। डेंगू की सबसे अहम पहचान होती है कि मरीज को बुखार के साथ कमजोरी लगने लगती है क्योंकि उसके प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं।