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दरभंगा में विस्फोट मामला : काना के इशारे पर सलीम ने रची साजिश, कैराना में आईएसआई का नेटवर्क तलाश रहीं खुफिया एजेसियां

Sun, 27 Jun 2021 06:33 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ/ शामली
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ/ शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 27 Jun 2021 06:33 PM IST
सार

इकबाल काना कभी कैराना में अपने पिता के साथ केले की ठेली लगाता था। 90 के दशक में वह पाकिस्तान जाने-आने वालों के जरिए सोने की तस्करी करने लगा। पुलिस का दबाव बढ़ने पर पाकिस्तान भाग गया और वहां आईएसआई के संपर्क में आकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन करना शुरू कर दिया।

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Darbhanga Blast case : Salim from Shamli conspired at the behest of Kana, intelligence agencies investigating for ISI network in Kairana
आरोपी सलीम - फोटो : amar ujala

दरभंगा विस्फोट मामले में पकड़े गए सलीम उर्फ टुइया का कनेक्शन पाकिस्तान में रह रहे इकबाल काना से मिला है। माना जा रहा है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इकबाल के जरिए ही सलीम से संपर्क साधा है। इसका पता लगने पर कैराना में खुफिया एजेंसियों ने अन्य संपर्कों की भी तलाश शुरू कर दी है। 



दरभंगा विस्फोट मामले में पुलिस ने मोहल्ला आल खुर्द निवासी सलीम उर्फ टुइया और कासिम उर्फ कफील को पकड़ा है। सलीम का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कनेक्शन होने का पता लगा है। माना जा रहा है कि उसका यह कनेक्शन पाकिस्तान में रह रहे कैराना के मूल निवासी इकबाल काना के जरिए जुड़ा।

Darbhanga Blast case : Salim from Shamli conspired at the behest of Kana, intelligence agencies investigating for ISI network in Kairana
आरोपी सलीम का आलीशान मकान - फोटो : amar ujala

दरअसल, इकबाल काना 1995 में पिस्टल की खेप पकड़े जाने के बाद फरार हो गया था। बाद में पता लगा कि वह पुलिस का दबाव बढ़ने पर परिवार समेत पाकिस्तान भाग गया है। उसके बाद से वह कैराना नहीं लौटा और पाकिस्तान में आईएसआई के संपर्क में आ गया। उसने पाकिस्तान से ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का संचालन करना शुरू कर दिया। इसके लिए उसने पाकिस्तान रिश्तेदारी में जाने-आने वालों से संपर्क कर अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया। 

सूत्रों का कहना है कि सलीम उर्फ टुइया भी इकबाल काना के संपर्क में है। इसका पता लगते ही खुफिया एजेंसियों ने कैराना में उसकी जड़े तलाशनी शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि कुछ और लोग भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। कुछ लोगों के बैंक खातों की भी गोपनीय ढंग से जांच की जा रही है।

Darbhanga Blast case : Salim from Shamli conspired at the behest of Kana, intelligence agencies investigating for ISI network in Kairana
सलीम के पिता - फोटो : amar ujala

पिता के साथ केले का ठेला लगाता था इकबाल 
इकबाल काना कभी कैराना में अपने पिता के साथ केले की ठेली लगाता था, लेकिन महत्वाकांक्षी स्वभाव के इकबाल को यह काम पसंद नहीं था। उसने ऐसे लोगों के पासपोर्ट और वीजा बनवाने में मदद करने का काम शुरू किया, जिनकी रिश्तेदारी पाकिस्तान में थी। 90 के दशक में वह पाकिस्तान जाने-आने वालों के जरिए सोने की तस्करी करने लगा।

बताया गया कि उस समय पाक से डिस्को कपड़ा और मिर्जा चप्पल आती थी। इन कपड़ों और चप्पलों में छिपाकर पाकिस्तान से सोना यहां लाया जाता था। जब दोनों देशों में सोने के भाव का अंतर कम हो गया तो इकबाल ने हथियारों और जाली करेंसी की तस्करी शुरू कर दी। 1995 में पिस्टल की खेप के साथ उसका एक साथी पकड़ा गया था, जबकि इकबाल फरार हो गया था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह अपने परिवार को लेकर पाकिस्तान भाग गया था।

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Darbhanga Blast case : Salim from Shamli conspired at the behest of Kana, intelligence agencies investigating for ISI network in Kairana
आरोपी कफील के परिजन - फोटो : amar ujala

कैराना के कई लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में 
पुलिस सूत्रों के अनुसार कैराना के कई लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में है। नकली नोटों के सौदागर कैराना के इकबाल उर्फ काना ने पाकिस्तान में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। वह अभी तक कैराना से जुड़ा था, जबकि कई साल से वह पाकिस्तान में परिवार के साथ रह रहा है। रिश्तेदारी की आड़ में ऐसे कारनामे करने वाले संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है।

कैराना का ही दिलशाद मिर्जा भी पाकिस्तान में रहकर देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। इनके अलावा फातिमा सहित कई लोग कैराना से जुड़े रहे। अब कैराना के सलीम उर्फ टुइया का पाकिस्तान के कई लोगों से संबंध होने की बात सामने आई है। वहीं शामली में म्यांमार निवासी चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 2015 में थानाभवन में बांग्लादेशी यामीन के अवैध रूप से रहने का खुलासा होते ही वह फरार हो गया था।

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Darbhanga Blast case : Salim from Shamli conspired at the behest of Kana, intelligence agencies investigating for ISI network in Kairana
शामली: जांच करती एनआईए की टीम। - फोटो : amar ujala

कई लोगों के बैंक खातों की जुटाई जा रही जानकारी
17 जून को दरभंगा ब्लास्ट में आईएसआई ने करोड़ों रुपये की फंडिंग की है। बताया गया कि आईएसआई ने सारी फंडि़ंग कैराना के दोनों युवकों के माध्यम से की है। इनके मोबाइल की कॉल डिटेल्स भी सुरक्षा एजेंसियों ने खंगाली है।

कैराना के युवकों की आईएसआई से क्या-क्या बातचीत हुई और उनकी आगे की प्लानिंग क्या है, इसका पता लगाने का सुरक्षा एजेंसियां प्रयास कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने पुलिस के माध्यम से कैराना के कई लोगों के बैंक खातों की भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया है।

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