सहारनपुर में थाना कुतुबशेर क्षेत्र के ढोली खाल में सात वर्षीय मासूम की उसके चाचा ने ही अपहरण के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। गुरुवार देर रात उसका शव किशनपुरा नाले के पास मिला। पुलिस ने चाचा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी बिजनौर के नगीना थाना क्षेत्र के मोहल्ला मनिहारी सराय के रहने वाले हैं। परिवार के कुछ लोग 90 लाख रुपये फिरौती मांगने की भी बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस संपत्ति के बंटवारे के विवाद को वारदात की वजह बता रही है।
यूपी: सामने आई वारदात के पीछे ये बड़ी वजह, बेरहमी से किया था मासूम का कत्ल, देखिए तस्वीरें
मोहल्ला ढोली खाल निवासी क्रॉकरी व्यापारी गयासुद्दीन उर्फ बंटी का सात वर्षीय बेटा अब्दुल शमी रात करीब साढ़े आठ बजे घर के पास से ही लापता हो गया। पहले तो परिजन यही सोचते रहे कि शमी आसपास खेल रहा होगा, लेकिन घर नहीं लौटा तो गयासुद्दीन और परिजनों ने थाना कुतुबशेर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस भी शमी को तलाशने में जुट गई। थाना प्रभारी विनोद कुमार के मुताबिक छानबीन के दौरान गयासुद्दीन के चचेरे भाई शोएब पर कुछ शक हुआ। इसी पर शोएब और उसके दो साथियों शादान और शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो, आरोपियों ने सच्चाई उगल दी। उनकी निशानदेही पर देर रात करीब ढाई बजे किशनपुरा नाला पटरी के पास से शमी का शव बरामद किया गया। बच्चे के मुंह पर टेप लगी थी और उसका गला दबाया गया था। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बिजनौर निवासी दो साथियों को दिल्ली से लाया था शोएब
पुलिस पूछताछ में आरोपी शोएब ने बताया कि वह दिल्ली में एसी रिपेयरिंग का काम करता है। उसके साथ ही शादान और शहजाद भी यही काम करते हैं। यह दोनों मूलरूप से बिजनौर के कस्बा नगीना के मोहल्ला मनिहारी सराय के रहने वाले हैं। उसके कहने पर ही वे यहां आए थे। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
तीन दिन से रैकी कर रहे थे हत्यारोपी
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी तीन दिन से रैकी कर रहे थे। गयासुद्दीन के परिवार से ही हाजी पप्पू सहित अन्य लोगों ने बताया कि मासूम शमी के साथ ही उसकी आठ वर्षीय बहन ईशबा को भी अगवा करने का प्रयास किया जा रहा था। तीन दिन से बच्ची को भी बिल्ली का बच्चा दिखाने के बहाने बहकाया गया, लेकिन वह झांसे में नहीं आई। बाद में शमी को ही अगवा कर लिया गया।
संपत्ति को लेकर कई बार हुआ विवाद
पुलिस और परिवार के कुछ लोगों ने बताया कि गयासुद्दीन और शोएब पक्ष के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर पहले भी कई बार विवाद हुआ है। शोएब की ओर से अक्सर यह कहा गया कि दुकान, मकान और अन्य संपत्ति इन्हें मिल गई और उसे दिल्ली में काम करना पड़ा। शोएब दिल्ली में रहकर एसी रिपेयरिंग का काम करता है।
फोन पर मांगे थे 90 लाख रुपये
शमी के पकिरजनों की ओर से यह भी बताया गया कि अपहरण के बाद कॉल करके उनसे 90 लाख रुपये फिरौती भी मांगी गई। इसके लिए पांच घंटे का समय दिया गया। हालांकि जांच में जुटी पुलिस इस मामले में यही कहती रही कि मामला फिरौती का नहीं, बल्कि संपत्ति विवाद का है।