जिन बदमाशों ने बाफर गांव में विकेंद्र की हत्या की उन्होंने पहले उससे दोस्ती की और उसे भरोसे में ले लिया। मंगलवार को भी विकेंद्र के साथ दोनों बदमाशों ने चाय पी। गेट तक विकेंद्र छोड़ने आया। बदमाशों ने कहा कि ठीक है विकेंद्र, अच्छा चलते हैं। इसके बाद पिस्टल से उसके सीने में ताबड़तोड़ चार गोलियां बरसा दी। पुलिस ने उनका पता लगाने के लिए विकेंद्र के मोबाइल की सीडीआर निकाली है। जिसमें कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
दोस्त बनाकर मर्डर : पहले साथ में बैठकर पी चाय... फिर सीने में उतार दीं ताबड़तोड़ गोलियां, देखिए तस्वीरें
उसके बाद ही उन्होंने विकेंद्र को मारने के लिए फुलप्रूफ योजना तैयार की और भाड़े के दो बदमाशों को सुपारी दी। दोनों बदमाशों ने विकेंद्र से पहले दोस्ती की। पुलिस ने बताया कि जिन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, वह विकेंद्र के घर पर आते थे। विकेंद्र के घर दो-तीन बार खाना भी खाया है। दोनों बदमाश जितेंद्र के बेटों के संपर्क में थे या कोई हत्या की दूसरी वजह है, पुलिस की इसकी जांच कर रही है। विकेंद्र जेल से छूटने के बाद किस-किस से बात करता था, इसकी सारी जानकारी पुलिस जुटाने में लग गई है।
कहीं जेल में तो नहीं हुई दोस्ती
पुलिस को अंदेशा कि जिन दो बदमाशों ने वारदात की है, उनकी मुलाकात विकेंद्र से जेल में हुई थी। जेल से छूटने के बाद दोनों बदमाशों ने विकेंद्र के यहां पर आना-जाना शुरू कर दिया। उक्त गांव में दोनों बदमाशों को पहले कई बार लोगों ने देखा था। पुलिस ने जेल से बदमाशों का रिकॉर्ड मांगा है।
चोरी की निकली बाइक
हत्या करने के लिए जिस बाइक से बदमाश आए थे, वह चोरी की है। कंकरखेड़ा में बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने बाइक चोरी वाले दिन की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज कंकरखेड़ा से खंगाली, ताकि कोई क्लू मिल जाए। बाफर में घटनास्थल पर पिस्टल के दो खाली खोखे मिले हैं, जिससे अंदेशा कि पिस्टल से बदमाशों ने गोलियां चलाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोली के निशान मिले हैं।
गांव में दहशत, आरोपियों के घर पर ताला लगा मिला
विकेंद्र की मां राजवीरी 2010 में जानी ब्लॉक प्रमुख रही है। इस वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल है। परिवार के लोगों में कोहराम मचा हुआ है। देर रात पोस्टमार्टम के बाद विकेंद्र के शव का पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। विकेंद्र की हत्या में गांव के जितेंद्र के दोनों बेटे विशाल और सागर के अलावा धमेंद्र व पुष्पेंद्र पुत्र नरेंद्र और मोहित पुत्र सहेंद्र को नामजद किया गया है। घटना से पहले ही आरोपियों के घर के परिवार की महिलाएं और बच्चे मकान में ताला लगाकर चले गए थे। जिससे अंदेशा है कि विकेंद्र की हत्या की प्लानिंग के बारे में परिवार के लोगों को पहले से ही पता था। जिसके चलते उनको दूर भेज दिया गया। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। दिनदहाड़े हत्या की जानकारी लगते ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी देहात और इंस्पेक्टर जानी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने शातिर अपराधी भूपेंद्र बाफर के बारे में भी जानकारी ली और पूछा कि दोनों पक्ष में से कौन सा पक्ष भूपेंद्र बाफर से जुड़ा हुआ है। जिसके बाद से थाना पुलिस इसकी जांच में जुटी है।