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कौन था कुख्यात नायडू, जिसने कोर्ट में किया था सिपाही का मर्डर, अब मिली दर्दनाक मौत, तस्वीरें
मुठभेड़ में मारा गया कुख्यात शक्ति नायडू मॉडलिंग का सपना बताकर हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो डालता रहा था। वह दिल्ली के एसीपी और मेरठ में एक इंस्पेक्टर की हत्या की साजिश रच रहा था। उसके ऊपर दो लाख का इनाम भी घोषित था। अगली स्लाइडों में मुठभेड़ की तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब, दिल्ली और पश्चिम यूपी में खौफ का पर्याय बना कुख्यात शक्ति नायडू का मुठभेड़ में खात्मा हो गया है। नायडू दिल्ली स्पेशल सेल के एसीपी ललित मोहन नेगी व मेरठ में एक इंस्पेक्टर की हत्या करने की साजिश रच रहा था। दो लाख का इनाम होने के बाद तीनों राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में लगी थी।
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मौके पर पहुंचे एसएसपी
- फोटो : अमर उजाला
वह कहता था कि पुलिस के पास ऐसी कोई गोली नहीं है, जो नायडू को छू सके। लेकिन मंगलवार शाम एनकाउंटर में मेरठ पुलिस की गोली से उसकी मौत लिखी गई। दिल्ली का शक्ति नायडू एक शातिर अपराधी था। लूट, डकैती, सुपारी या फिर रंगदारी वसूलना उसका पेशा था। दिल्ली से पेरोल पर छूटने के बाद नायडू ने दिल्ली और पंजाब में कई गैंग तैयार कर लिए थे। पश्चिम यूपी के जिलों में कई वांटेड बदमाशों से उसके गहरे संबंध थे। घटना के वक्त वह हत्या करने से पीछे नहीं हटता था, चाहे उसको अपने गैंग का बदमाश ही क्यों न मारना पड़े।
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इसी मंजिल पर था नायडू का कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में नायडू ने सिपाही रण सिंह मीणा की 32 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। अभिनेत्री शिल्पी शेट्टी के पति राज कुंद्रा से आठ करोड़ की लूट के बाद नायडू सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने लगा। नायडू कहता था कि उसको फिल्मी दुनिया में जाना है। तिहाड़ जेल में रहते हुए नायडू ने अपना बड़ा गैंग तैयार कर लिया।
अपराध में साथ न देने पर अपने ही साथी की नायडू हत्या कर देता था। 31 जनवरी को कंकरखेड़ा में नायडू अपने दो साथियों तिलकराज और हनी के साथ मेरठ में प्रॉपर्टी डीलर ऋतुराज चौधरी के यहां आया था। ऋतुराज के एक परिचित का एक इंस्पेक्टर से विवाद हो गया था, जिसकी हत्या करने के लिए नायडू को बुलाया गया था। पहले इंस्पेक्टर व फिर अगले दिन दिल्ली के एसीपी ललित मोहन नेगी की हत्या का नायडू ने कंकरखेड़ा में बैठकर प्लान बनाया। साथी तिलकराज व उसके भतीजे हनी ने हत्या करने से इनकार किया। जिस पर नायडू ने चाचा- भतीजे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिसमें हनी की मौत हुई और तिलकराज घायल हो गया। इसी तरह वह पहले भी दिल्ली में अपने एक साथी की हत्या कर चुका है।
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