मेरठ में एक बैंक के गार्ड जन्म सिंह और अटेंडेंट विनोद ने गजब का साहस दिखाया। बदमाशों ने गोली मारने के बाद कैश से भरा संदूक लूट लिया था। लेकिन घायल होने के बावजूद भी गार्ड और अटेंडेंट बदमाशों पर भारी पड़े। उनकी दिलेरी के आगे बदमाशों के कदम उखड़ गए। कैश से भरा संदूक ही नहीं बल्कि पिस्टल और बाइक भी छोड़कर बदमाशों को पैदल ही जान बचाकर भागना पड़ा। आगे देखिए तस्वीरें-
गार्ड ने दिखाया गजब का साहस, गोली लगी पर नहीं लूटने दिया बैंक, तस्वीरें बयां कर रही सच्चाई
दरअसल, दोनों बदमाश बैंक के मेन गेट से कैश से भरा संदूक लूटकर अपने कब्जे में ले चुके थे। तमंचे और पिस्टल से लैस बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए सबसे पहले गोली चलाई थी। गार्ड और अटेंडेंट दोनों गोली लगने से घायल भी हो गए थे। बदमाश जब कैश से भरा संदूक लेकर वहां से बाइक से भागने लगे तो घायल होने के बावजूद गार्ड और अटेंडेंट ने साहस दिखाकर बदमाशों की बाइक पीछे से पकड़ ली और शोर मचा दिया। जिससे बदमाशों की बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पीछे बैठे बदमाश ने गार्ड पर गोली चलाने का प्रयास भी किया। लेकिन उसके बावजूद गार्ड ने बाइक नहीं छोड़ी।
उधर, ग्रामीणों को आता देख बदमाश लूटा गया कैश, बाइक और पिस्टल छोड़कर हथियार लहराते हुए गांव के बीच से सठला की ओर भागने लगे। ग्रामीण पवन पुत्र राजपाल बाइक में चाबी लगी छोड़कर नाई की दुकान पर दाढ़ी बनवा रहा था। इस पर बदमाश उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जंगल में कांबिंग की तो बदमाशों द्वारा छोड़ी बाइक, पिस्टल, हेलमेट एवं काले कपड़े कब्जे में ले लिये। शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र भटनागर ने अज्ञात दो बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं, घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।
ग्रामीणों ने की प्रशंसा
ग्रामीणों का कहना है कि गार्ड और अटेंडेंट के साहस के चलते ही बदमाशों के कदम उखड़ गए। दोनों की दिलेरी से बदमाश लूटे गए कैश को छोड़कर भागने के लिए मजबूर हो गए। यदि गार्ड जन्म सिंह और अटेंडेंट विनोद साहस नहीं दिखाते तो बदमाश वारदात को अंजाम देने में कामयाब हो गए होते। बदमाशों द्वारा छोड़ी गई पिस्टल पर मेड इन इटली लिखा है।
रेकी के बाद की वारदात
शाखा प्रबंधक धर्मेंद्र भटनागर ने बताया कि मवाना से गाड़ी में आए दिन कैश आता है। बैंक के नियमानुसार 50 लाख कैश तक एक ही गार्ड जाता है। बदमाश जिस रास्ते से फरार हुए उससे बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकता है। यह रास्ता आबादी के बीच गुजरता है। गांव के बाहर से जंगल शुरू हो जाता है। वहीं, बदमाशों ने पहचान छिपाने के लिए हेलमेट लगाया था तथा काले कपड़े पहने थे। जिससे माना जा रहा है कि स्थानीय बदमाशों ने रेकी के बाद घटना की।