यूपी के मेरठ जिले में शनिवार को गुर्जर समाज के एक युवक की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई। मृतक युवक बसपा नेता की हत्या मामले में आरोपी था। इस सनसनीखेज घटना से इलाके में दहशत बन गई है और गांव में तनाव में पैदा हो गया है। वहीं तनाव को देखते हुए गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
मर्डर: बसपा नेता के हत्यारोपित को गोलियों से भून डाला, गांव में तनाव, पुलिसफोर्स तैनात
बता दें कि थाना कंकरखेड़ा क्षेत्र के शोभापुर गांव का है। यह घटना उसी गांव (शोभापुर) की है जहां से दो अप्रैल को भारत बंद पर हिंसा ने विकराल रूप लिया था। दलित आंदोलन के बाद यहां दलित युवक (गोपीचंद) की गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। गोपीचंद की हत्या मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया था। जिनमें से दो आरोपी अभी जेल में ही है और मनोज व आशीष दो महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे।
बताया गया कि शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे खेतों में गेहूं बो रहे युवक की तीन बाइक सवार आठ हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। युवक के पास उसके दो साथी भी मौजूद थे, जो गोलियां चलते ही मौके से भाग निकले। हमलावर हाईवे की तरफ जा रहे थे, जहां उन्होंने सेंट्रो कार के पास खड़े एक व्यक्ति के ऊपर भी गोली चलाई। हालांकि वह गोली कार में धस गई।
इसके बाद हमलावर हाईवे के रास्ते फरार हो गए। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को कैलाशी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं परिजन शव को घर ले आए। मृतक युवक (आशीष गुर्जर) बीए का छात्र था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।
उधर, सूचना पर एसपी सिटी, एसपी क्राइम पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन और भीड़ ने हंगामा कर शव उठने नहीं दिया और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।
शोभापुर गांव निवासी आशीष गुर्जर पुत्र महके सिंह पर कुछ महीने पहले गांव में ही दलित समाज के गोपी पारिया हत्याकांड में 302 का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस हत्याकांड में आशीष गुर्जर के अलावा मनोज, कपिल और सुनील नामजद हुए थे। उसके बाद पुलिस ने एक-एक कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जिसमें दो महीने पूर्व ही आशीष गुर्जर और मनोज जमानत पर रिहा हुए थे। जबकि सुनील और कपिल वर्तमान में भी जेल में बंद है।
बताया गया कि शनिवार को गोपी पारिया हत्याकांड में चारों आरोपियों की कोर्ट में तारीख थी। अन्य परिजन तारीख पर गए हुए थे, जबकि आशीष को भी जाना था। शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे आशीष अपने दोस्त प्रिंस, अंशुल और दीपक टाटिया के साथ शोभापुर गांव के पास ही आर्मी फार्म हाउस के नजदीक अपने खेतों में गेहूं बोने के लिए गया था। खेत के पास आशीष अपने तीनों दोस्तों के साथ बैठा हुआ था।