उत्तर प्रदेश के मेरठ में मां-बेटी की हत्या में पुलिस ने पूरी तरह से लापरवाही बरती। प्रिया की सहेली चंचल परतापुर थाने में तीन महीने तक भटकती रही और पुलिस बार-बार जांच बदलती रही। विवेचक का ऑडियो भी वायरल हो रहा है। मामला 20 दिन पहले एसएसपी तक पहुंचा। जांच पड़ताल के बाद प्रिया और कशिश के अपहरण का मुकदमा लिखा गया। शातिर शमशाद ने चंचल के खिलाफ परतापुर थाने में तहरीर दे दी थी।
2 of 8
मां-बेटी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर परतापुर ने जांच घाट चौकी इंचार्ज वीर सिंह को दे दी। आरोप है कि दरोगा ने शमशाद से साठगांठ कर चंचल को धमकाने का प्रयास किया। चंचल बार-बार मोदीनगर से परतापुर थाने आती और मां बेटी की बरामदगी की मांग कर अनहोनी का अंदेशा भी जताती। करीब तीन महीने तक पुलिस का ड्रामा चलता रहा। इस दौरान कई ऐसी बातें भी हुई, जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।
3 of 8
मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद चंचल ने हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। एक महीने पहले चंचल के साथ हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता परतापुर थाने पहुंचे। हंगामा किया तो इंस्पेक्टर परतापुर ने दरोगा से जांच लेकर इंस्पेक्टर क्राइम भूपेंद्र सिंह को दे दी। उन्होंने भी इस मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई और ना ही कोई काम किया।
4 of 8
मौके पर पहुंचे हिंदु संगठन के लोग
- फोटो : अमर उजाला
करीब 20 दिन पहले चंचल एसएसपी से मिली और पूरी जानकारी दी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर परतापुर को इस मामले की गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। सात दिन में इंस्पेक्टर परतापुर आनंद मिश्रा ने जांच पड़ताल कर मां बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। शमशाद को फिर भी गिरफ्तार नहीं किया, क्योंकि मुकदमा अज्ञात में दर्ज हुआ था। हिंदू युवा संगठन के लोग इसे लव जिहाद से जोड़ने लगे। मामला तूल पकड़ा तो परतापुर पुलिस ने आठ दिन पहले शमशाद को हिरासत में ले लिया। थाने में शमशाद की मेहमान नवाजी होती रही लेकिन सख्ती से पूछताछ नहीं की।
5 of 8
मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कब तक रहना होगा थाने
मंगलवार देर रात शमशाद ने इंस्पेक्टर से पूछा कि मुझे कब तक थाने में रहना होगा। जिस पर इंस्पेक्टर ने जवाब दिया कि मां बेटी की बरामदगी के बाद ही तू थाने से जाएगा। शमशाद ने पुलिस को बताया कि उसने मां बेटी की हत्या कर दी है और दोनों के शव मकान के बेडरूम में ही गड्ढा खोदकर दबाए हैं। शुरुआत में तो पुलिस को यकीन नहीं आया था। लेकिन बार-बार बताने पर बुधवार तड़के करीब चार बजे पुलिस शमशाद के घर पहुंची। उसके बाद गड्ढा खोदा गया तो मां-बेटी के कंकाल बरामद हो गए। इंस्पेक्टर की सूचना पर एसएसपी और एसपी सिटी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे।