डीआईजी, एसपी सिटी, एसपी देहात और एएसपी का मेरठ से एक साथ ट्रांसफर होना और पांच करोड़ के सोने की लूट कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। नवागत पुलिस अधिकारियों को लुटेरों ने पहले दिन ही खुली चुनौती दे दी। घटना यूपी के मेरठ शहर की है।
तस्वीरें: 5 करोड़ की लूट से पुलिस अफसरों को ‘सैल्यूट’, 20 मिनट रहा बदमाशों का खौफ
बता दें कि गुरुवार शाम के छह बजे थे और बाजार में भीड़ थी। पुलिस का स्टीकर लगी अपाचे बाइक मणप्पुरम फाइनेंस कंपनी के सामने आकर रुकी। अपाचे पर एक बदमाश सरदार की वेशभूषा में था और दूसरे बदमाश के सिर पर कपड़ा बंधा था। बदमाश 20 मिनट में 15 किलो सोना लूटकर ले गए। फाइनेंस कंपनी के ऑफिस में कहर बरपाने के बाद बाजार में भी बदमाशों ने दहशत का माहौल बनाया।
बुधवार को एसपी सिटी, एसपी देहात, एएसपी सदर कैंट ने चार्ज संभाला। वहीं एसएसपी नितिन तिवारी शुक्रवार (आज) मेरठ की कमान संभालेंगे। वहीं बुधवार रात को ही शासन ने मेरठ में तैनात डीआईजी/ एसएसपी अखिलेश कुमार का ट्रांसफर किया था। प्रयागराज के एसएसपी नितिन तिवारी को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है। गुरुवार सुबह अखिलेश कुमार ने चार्ज छोड़ दिया। वहीं बुधवार को नवागत एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह व नवागत एसपी देहात अविनाश पांडेय ने चार्ज संभाला था। सीओ कैंट का चार्ज एएसपी रामअर्ज ने बुधवार को लिया। एसएसपी और सभी एडिशनल एसपी के सामने कानून व्यवस्था चुनौती से कम नहीं है।
दिनभर में लूट की दो वारदात
गुरुवार दोपहर मवाना में बाइक सवार बदमाशों ने 1.59 लाख की लूट को अंजाम दिया तो शाम को बेगमपुल पर पांच करोड़ रुपये से अधिक का सोना लूट लिया गया। जबकि बेगमपुल मार्केट को काफी सुरक्षित माना जाता है। बेगमपुल पर घटना के बाद तो आईजी रेंज रामकुमार और डीएम अनिल ढींगरा खुद पहुंचे। पुलिस के अलर्ट होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लालकुर्ती इंस्पेक्टर देवेश शर्मा मौके पर 20 मिनट बाद पहुंचे। जबकि घटना उनके ही क्षेत्र में हुई। अलर्ट के बाद सभी थानेदार और सीओ चेकिंग के लिए सड़क पर उतर गए, लेकिन बदमाश सेंट्रो कार से वंडर सिटी कॉलोनी तक पहुंच गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। बदमाशों ने पुलिस की चेकिंग व्यवस्था की भी पोल खोल कर रख दी।
एसपी सिटी के पास ही था कप्तान का चार्ज
नवागत एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह और एसपी देहात अविनाश पांडेय (आईपीएस) ने बुधवार को ही चार्ज संभाला था। वहीं बुधवार रात को डीआईजी/एसएसपी अखिलेश कुमार का भी ट्रांसफर हो गया। ऐसे में कप्तान का चार्ज भी नवागत एसपी सिटी ने संभाला। पूरे जिले की जिम्मेदारी कार्यवाहक कप्तान पर थी, लेकिन पुलिस का सुरक्षा प्लान फेल हो गया। जब आईजी रेंज ने एसपी सिटी से घटना के बारे में पूछा तो वह चुप्पी साध गये।