पूर्वांचल के देसी शराब ठेकों पर सरकारी हॉलमार्क लगाकर अवैध शराब बेची जा रही है। मंगलवार की रात क्राइम ब्रांच टीम ने वाराणसी के बड़ागांव थाना के बसनी गांव में छापेमारी कर अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया तो यह बात सामने आई। क्राइम ब्रांच ने मौके से एक स्कार्पियो, 450 शीशी अवैध देसी शराब, 50 बोतल अपमिश्रित अंग्रेजी शराब, 18 गैलन केमिकल, छह किलोग्राम यूरिया, सरकारी हॉलमार्क, रैपर, कार्टन, खाली शीशियां, ब्राउन चॉकलेट पाउडर सहित अन्य सामग्री बरामद की है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
वाराणसी : अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, सरकारी हॉलमार्क लगा कर ठेकों पर करते थे सप्लाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि मंगलवार की देर रात क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रकम सिंह के अपनी टीम के साथ बड़ागांव थाना क्षेत्र में चक्रमण कर रहे थे। इसी दौरान क्राइम ब्रांच प्रभारी को मुखबिर ने बताया कि अवैध शराब कारोबारी शिवशंकर सेठ इन दिनों बसनी निवासी संजय पासवान के घर पर अवैध शराब तैयार कराता है और जिले के साथ ही आसपास के जनपदों के सरकारी ठेकों पर सप्लाई करता है।
इस सूचना पर क्राइम ब्रांच ने संजय के घर छापेमारी की तो अवैध शराब की खेप तैयार कर रहे छह लोग हत्थे चढ़ गए और दो मौके से भाग निकले। पूछताछ के दौरान सामने आया कि सरगना शिवशंकर पर हत्या सहित अन्य आरोपों में आठ से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। हत्या के मामले में हाईकोर्ट से जमानत पाकर बाहर रह रहा शिवशंकर अवैध शराब का कारोबार कर रहा है। एसएसपी ने बताया कि शिवशंकर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। इस गिरोह को पंजीकृत कर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का निर्देश इंस्पेक्टर बड़ागांव को दिया गया है।
एसपी (क्राइम) ज्ञानेंद्र के अनुसार, पूछताछ में पता लगा कि अवैध शराब बनाने के लिए एथाइल अल्कोहल मध्य प्रदेश से लाया जाता था। यहां एथाइल अल्कोहल, यूरिया, अजंता चॉकलेट ब्राउन पाउडर सहित अन्य सामग्री मिलाकर अवैध शराब तैयार की जाती थी। फिर सरकारी हॉलमार्क लगाकर विंडीज लाइम के नाम से वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिले के देसी शराब के ठेकों पर बेची जाती थी। इस पर 20 रुपये खर्च आता था और 65 रुपये में बेचा जाता था। ज्यादा मुनाफा होने के कारण शिवशंकर ने ढाबा खोला, ट्रकें खरीदीं और अकूत संपत्ति बनाई। दूसरों के नाम से शिवशंकर ने शराब के ठेके भी जिले में ले रखे हैं। एसएसपी ने कहा कि शिवशंकर की संपत्तियां सीज कराई जाएंगी।
संजय के घर क्राइम ब्रांच की छापेमारी की सूचना पर बड़ागांव पुलिस भी पहुंच गई थी। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब फैक्ट्री बड़ागांव पुलिस की मिलीभगत से चल रही थी। संजय के घर से कुछ ही दूर बसनी चौराहा पर पुलिस पिकेट है और महज दो किलोमीटर दूर बड़ागांव थाना है। ऐसे में पुलिस को अवैध शराब फैक्ट्री की जानकारी न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है। आरोपियों के पास सरकारी हॉलमार्क कैसे आए, इसकी जांच हो रही है। इसमें आबकारी विभाग की भी मदद ली जाएगी।