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हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का 14 साल पुराना क्राइम रिकॉर्ड, यूपी के इस जिले में हुआ था गिरफ्तार

Fri, 03 Jul 2020 12:50 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 03 Jul 2020 12:50 PM IST
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Kanpur Encounter: History-sheeter Vikas Dubey was arrested from Saharanpur 14 years ago
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को 14 साल पूर्व सहारनपुर पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। तब मादक पदार्थ बरामद होने पर उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आगे जानिए पूरा अपडेट-

Kanpur Encounter: History-sheeter Vikas Dubey was arrested from Saharanpur 14 years ago
विकास दुबे (जैकेट में) को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला - फोटो : amar ujala

यह बात वर्ष 2006 की है। जनकपुरी थाना पुलिस ने एसबीडी जिला अस्पताल के पास से 25 जून 2006 को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पांच किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ था। उस समय अमिताभ यश सहारनपुर एसएसपी थे, जो अब एसटीएफ में हैं।

Kanpur Encounter: History-sheeter Vikas Dubey was arrested from Saharanpur 14 years ago
शहीदों की फाइल फोटो व बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला

वहीं थाना प्रभारी आरआर कठेरिया थे, जो वर्तमान में अमरोहा जनपद में तैनात हैं। जनकपुरी थाने पर विकास दुबे से एसएसपी पूछताछ करने पहुंचे थे तो, उसने फिल्मी अंदाज में बात की थी।

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Kanpur Encounter: History-sheeter Vikas Dubey was arrested from Saharanpur 14 years ago
पुलिस पर हमले के बाद हाई अलर्ट - फोटो : अमर उजाला

यह भी पता चला है कि विकास दुबे ने गिरफ्तारी से पहले देवबंद क्षेत्र में अपने एक परिचित के यहां शरण ली थी। उस समय भी विकास पर करीब 50 मुकदमे दर्ज थे।

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Kanpur Encounter: History-sheeter Vikas Dubey was arrested from Saharanpur 14 years ago
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद, मौके पर एडीजी एलओ प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala

मामले में अधिवक्ता नीरज तिवारी ने विकास दुबे की जमानत के लिए पैरवी की थी। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के उपरांत अगस्त 2006 में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। अधिवक्ता नीरज तिवारी ने बताया कि विकास दुबे की जमानत हमने कराई थी, लेकिन उसके बाद मुकदमे में क्या हुआ, उसका उन्हें पता नहीं है।

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