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इलाज के बदले मिली लाठियां, मेडिकल के बाहर घंटों तड़पती रही महिला

Tue, 07 Mar 2017 05:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 07 Mar 2017 05:29 PM IST
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 Emergency treatment in return for 150 million won Sticks, several wounded
युवक का सिर फोड़ा

ब्रेन हैमरेज के बीच अपने मरीज को लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कालेज में भर्ती कराने पहुंचे परिजनों को लाठी डंडे के पीटा गया। महिला- पुरुष और बच्चों में से किसी को नहीं छोड़ा। किसी को धक्के मारकर फर्श पर गिरा दिया तो किसी पर लाठी और लोहे की रॉड से हमला किया गया। किसी के कपड़े फटे तो किसी का सिर फटा। यह सारा वाक्या लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कालेज की न्यू इमरजेंसी में हुआ। जहां पर गांव वेट थाना सिंभावली (हापुड़) निवासी बीमार तोहिर  के परिजनों और रिश्तेदारों को जमकर पीटा गया है। बाद में मौके पर पुलिस पहुंची तो बाउंसर और जूनियर चिकित्सक इमरजेंसी से फरार हो गये तो कुछ को स्टाफ रूप में छिपा लिया गया। 

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महिला को मेडिकल इमरजेंसी में भर्ती करने पहुंचे थे

 Emergency treatment in return for 150 million won Sticks, several wounded
मौके पर पहुंची पुलिस

मंगलवार दोपहर को करीब 3 बजे तोहिर पत्नी वाजिद को ब्रेन हैमरेज होने पर बेटा शाहिद व शकील अहमद (भतीजा) समेत अन्य परिजन मेडिकल कालेज में भर्ती कराने के लिए पहुंचे थे। जहां पर चिकित्सकों ने मरीज को देखकर झट से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इस दौरान परिजनों ने चिकित्सकों से कहने लगे कि हमारी आर्थिक हालत सही नहीं है, आप उन्हें यहीं पर भर्ती कर लीजिये। ऐसे में जूनियर डॉक्टर शाहिद पर चिल्ला पड़े और कहा कि आप लोग बताओगे कि कैसे मरीज का इलाज होना है। इस बीच बाउंसरों ने मरीज और तीमारदारों को धक्के मारने शुरू कर दिया। जिस पर शाहिद व अन्य परिजनों ने तमीज से बात करने के लिए कहा तो झट से एक बाउंसर ने शाहिद पर हाथ छोड़ दिया। उसके बाद महिलाओं ने चिल्लाना शुरू किया तो वहां पर मौजूद सारे बाउंसर और जूनियर डॉक्टरों लाठी- डंडे बजाने शुरू कर दिया। जिसके जो हाथ में लगा उसने वो ही बजाया। पहले अंदर धक्का मुक्की करी और फिर बाहर निकालकर लाठी व डंडे बरसाये। महिलायें - बच्चे सब चिल्लाते रहे लेकिन किसी की दिल नहीं पसीजा। किसी को रैंप पर घिसटा गया तो किसी को धक्का देकर गिरा दिया। 

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ईएमओ डॉ. अजीत ने बचाई जान

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पीड़ित महिला

हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचे ईएमओ डॉ. अजीत चौधरी ने जैसे तैसे मरीज और उसके तीमारदारों को बचाया। जिस वक्त डॉ. अजीत मौके पर पहुंचे तो जूनियर डॉक्टर और बाउंसर लाठियां बजा रहे थे। ऐसे में उन्होंने बीच में घुसकर मरीजों को बचाया। इस बीच मामला थमा तो परिजन भागकर मेडिकल थाने पहुंचे। जहां पर उन्होंने अपने साथ ही मारपीट का दास्तां सुनाई।

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