नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मेरठ में सबसे ज्यादा बवाल हुआ। चार लोगों की मौत हो गई, दो आरएएफ जवान, एक सिपाही समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में आने के बाद अब पुलिस बवाल के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
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उपद्रवी को पीटती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में सामने आया है कि लिसाड़ीगेट और हापुड़ रोड पर बवाल कराने के लिए दिल्ली से बड़ी संख्या में युवक भेजे गए थे। बवाल में मरने वाला आसिफ भी इसी उद्देश्य से दिल्ली से मेरठ भेजा गया था। रात में मेरठ पुलिस-प्रशासन ने यही रिपोर्ट शासन को भेजी।
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उपद्रवियों को खदेड़ती पुलिस
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इस बवाल के पीछे गहरी साजिश है। मेरठ के नेता, शहरकाजी समेत कई जिम्मेदार लोगों ने पुलिस को आश्वासन दिया था कि शहर में कोई बवाल नहीं होगा। इसके बावजूद सीएए के विरोध में मेरठ में सभी जिलों से ज्यादा हिंसा हुई। बवाल शांत होने के बाद रात दस बजे शहरकाजी व अन्य जिम्मेदार लोगों को एसएसपी ने अपने आवास पर बुलाया।
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उपद्रवियों को खदेड़ती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पता चला कि बवाल की पटकथा दिल्ली में रची गई है। हालांकि बवाल के मास्टरमाइंड के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने एक सफेदपोश नेता पर आशंका जताई है। उसके मोबाइल की सीडीआर भी निकाली गई है। पुलिस का दावा है कि लिसाड़ीगेट और हापुड़ रोड पर बवाल करने वाले को दिल्ली से भेजा गया है।
पनाह मेरठ में मिली
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बवाल के दौरान भागता युवक
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पुलिस की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि दिल्ली से आए बवालियों को लिसाड़ीगेट में पनाह मिली। एसएसपी ने शहरकाजी से कहा कि पनाह देने वाले भी चिह्नित होंगे। वह भी दोषी हैं। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई है। इसके माध्यम से भी बवालियों को चिह्नित कराया जा रहा है।