यूपी के बागपत जनपद में पुलिस लाइन की तीसरी मंजिल पर एक ऐसी वारदात हुई जिसके बारे में किसी को भनक तक नहीं लगी। जिस समय पति वीरेंद्र ने पत्नी पर जान से मारने की नीयत से वार किया तो ज्योति चिखने-चिल्लाने लगी, लेकिन आस-पास कोई क्वार्टर न होने की वजह से ज्योति की आवाज पुलिस लाइन की तीसरी मंजिल में ही दबकर रह गईं।
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मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस
बता दें कि चार माह में न जानें ऐसी क्या बात हुई कि वीरेंद्र ने पहले गर्भवती पत्नी को मौत के घाट उतार दिया फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस,
पुलिस के अनुसार ज्योति की हत्या के बाद वीरेंद्र ने उसकी लाश के पास बैठकर दो पेज पर सुसाइड नोट लिखा। एक कागज पर और दूसरी डायरी पर। ज्योति के परिजनों की दोपहर बाद तक बात नहीं हुई तो उन्हें अनष्टि की आशंका हुई।
क्या लिखा सुसाइड नोट में
वीरेंद्र कुमार और ज्योति...मैं दोनों की ही जिंदगी खत्म कर रहा हूं। इसमें मेरे घरवालों से कोई लेना-देना नहीं है। मेरी और मेरी पत्नी दोनों की ही मौत का जिम्मेदार इसका जीजा अजेंद्र और इसकी मौसी-मौसा नरेला वाले हैं। इन्होंने मेरी जिंदगी नरक बना दी। और इन्होंने कभी ज्योति को समझाया नहीं। इसलिए मुझे यह कदम उठाना पड़ा। हमेशा मेरी ही गलती बताई गई। मेरी गलती थी ही अब और तो और मेरी मां ने जब देसी घी दिया तो उसमें भी इन्होंने डालडा मिलाकर ज्योति को मेरे घरवालों के खिलाफ उल्टी सीधी बातें करवाई। और तो और मेरी बहनों के लिए हमेशा उल्टा सीधा बोलना, मेरी और मेरी पत्नी की मौत के जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ इसका जीजा और इसकी मौसा-मौसी है।
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मौके पर जांच-पड़ताल करती पुलिस
तीन साल पहले भर्ती हुई थी ज्योति
ज्योति साल 2016 और वीरेंद्र साल 2018 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। वीरेंद्र की ट्रेनिंग 25 जनवरी को ही पूरी हुई थी।