उत्तर प्रदेश की जिस जिला जेल में करीब दो साल पहले डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शनिवार को फिर से यह जेल सुर्खियों में आ गई। लॉकडाउन के बीच इस जेल में शनिवार दोपहर को एक बंदी की हत्या कर दी गई। जबकि कई बंदी घायल भी हुए हैं। जिनमें एक बंदी की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। आगे की स्लाइडों में पढ़िए पूरी वारदात-
फिर खून से रंगी यूपी की ये जेल, डॉन मुन्ना बजरंगी के बाद बंदी की हत्या, पढ़िए पूरी वारदात
ये है मामला
जेल में शनिवार दोपहर बैरक संख्या 21 बंदियों के दो गुटों के बीच हुई कहासुनी हो गई, उस समय तो इनका बीचबचाव करा दिया गया, लेकिन शाम को एक गुट ने दूसरे गुट पर चम्मचों को घिसकर बनाए चाकुओं से हमला कर दिया। इसमें एक बंदी ऋषिपाल की मौत हो गई। उसके पिता और नौकर सहित तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने जिला जेल में पहुंचकर मामले की जांच की। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद एक और वारदात से बागपत जेल प्रशासन की भूमिका और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें कि गत 16 अप्रैल को बसी गांव के ऋषिपाल (46) और पूर्व प्रधान ओमपाल पक्ष के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें ऋषिपाल, उसका पिता सत सिंह और नौकर अमित जौनमाना भी जेल गए थे। जेल में पहले से बंद काठा गांव के बबलू कश्यप और ऋषिपाल को बैरक नंबर 21 में रखा गया था। शनिवार दोपहर को ऋषिपाल की बबलू कश्यप के साथ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद दोनों को अलग- अलग बैरक में बंद कर दिया गया। शाम चार बजे के लगभग ऋषिपाल अपने नौकर के साथ बैरक से बाहर निकला तो बबलू कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर चम्मच के चाकू से उनपर हमला कर दिया। ऋषिपाल को बचाने में घायल हुए उसके पिता सत सिंह और एक अन्य को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अमित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव का कहना है कि जांच की जा रही है। बंदियों के बीच झगड़ा हुआ था।
तिहरे हत्याकांड का आरोपी है बबलू कश्यप
ऋषिपाल की हत्या का आरोप गांव काठा में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी बबलू कश्यप पर लग रहा है। बबलू कश्यप को दस दिन पहले मेरठ जेल से बागपत शिफ्ट किया गया था। चम्मच को घिसकर बनाई गई कट्टन को मिट्टी में दबाने पर दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था।
जब सुर्खियों में आई थी बागपत जिला जेल
बागपत जिला जेल में डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की करीब दो साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद जेल प्रशासन से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। फोरेंसिक टीम और डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे थे। डीआईजी जेल ने इस मामले में जांच के सख्त आदेश दिए थे।