Coronavirus: हम तो दुश्मनों से नहीं हारे, यह तो कोरोना है.., ड्यूटी पर डटे कारगिल के योद्धाओं ने बताया, कैसे जंग में 24 घंटे हथेली पर रहती थी जान
कहा कि यह संक्रमण किसी युद्ध से कम नहीं है पर कारगिल युद्ध जैसा भी नहीं। इसकी सावधानी भी यही है कि बच कर रहें। लेकिन युद्ध में तो 24 घंटे जान हथेली पर रहती थी। उस समय भी देश की सेवा कर रहे थे और आज भी। जहां किसी को भी कुछ भी सकता है, कोई भी इसकी चपेट में आ सकता है, पर जो डॉक्टर इलाज कर रहे हैं वह भी कम नहीं है, हार नहीं माननी है। कोरोना वार्ड भी युद्ध के मैदान से कम नहीं।
विनोद कुमार कारगिल में दराज सेक्टर में तैनात रहे। वह उग्रवादी ओपरेशन में कुपवाड़ा में रहे। पट्टन बारामुला में 34 करोड़ रुपये पूरी टीम ने पकड़े और सरकारी खाते में जमा कराए। वहीं दूसरे गेट के बाहर तैनात हरि ने बताया कि 30 साल फौज में रहकर देश की सेवा की।
कारगिल युद्ध मे 3 तीन तीन दिन खाना नहीं मिला, नीचे बर्फ, सामने दुश्मन और ऊपर से बरसते गोलों से कभी कदम नहीं खींचे, अब पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है, इसमें भी हम जीत जाएंगे। 8-8 घंटे की ड्यूटी बिना खाए-पिये कर रहे हैं। घर मे जाते हैं तो किसी से मिल नहीं रहे हैं और अलग कमरे में सोना हो रहा है ।
कोरोना वार्ड के बहार दोनों तरफ मुख्य गेटों पर पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है। इंस्पेक्टर विनय कुमार आजाद के साथ सिपाही प्रंचल पंवार, जितेंद्र पुंडीर, जोरावर सिंह, दीपेन्द्र के अलावा महिला सिपाही संतोष धामा तैनात थीं। सुबह 7 बजे से रात 8 बजे और रात के लिए अलग शिफ्ट लगाई गई है।
इंस्पेक्टर विनय कुमार आजाद ने कोरोना वार्ड से 50 कदम दूर रुकने का इशारा कर दिया और कहा कि यहां आना ही अपने आप में खतरा है। यहां न आइए, यही बचाव है। क्योंकि पूरी सुरक्षा और सावधानी ड्यूटी के दौरान भी बरती जा रही है।
इंस्पेक्टर विनय कुमार आजाद ने बताया कि घर पर पत्नी बीमार है लेकिन ऐसे समय में घर नहीं जाना हुआ। पहले संक्रमित इलाके शास्त्रीनगर के बाद मेडिकल में ड्यूटी है। पुलिस लाइन स्थित पुलिस क्लब में एक-एक कमरे में अलग रहना हो रहा है। पुलिस की नौकरी में जिम्मेदारी पहला अनुशासन है। जिससे बिल्कुल भी पीछे नहीं हटा जा सकता। पत्नी और बच्चों से रात में मोबाइल पर बात होती है तो यही कहा जाता है कि बचकर रहें, बस कुछ हो न जाए।
इंस्पेक्टर का कहना है की सुबह 7 बजे से लेकर रात में 8 बजे ड्यूटी खत्म करके ही सैनिटाइजर होकर उसके बाद ही भोजन और पानी की व्यवस्था है। कोरोना वार्ड के बाहर ड्यूटी के समय न पानी पी सकते हैं और न ही कुछ खा सकते हैं। पुलिस लाइन में किसी से न मिल सकते हैं और सिर्फ कमरे में ही रहना है।