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भावुक तस्वीरें: मां से छीन गए दो जुड़वां इंजीनियर बेटे, खुशी-खुशी मनाया था 24वां जन्मदिन फिर कोरोना ने उजाड़ दिया परिवार

Tue, 18 May 2021 02:06 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 18 May 2021 02:06 PM IST
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Corona in Meerut: Twin engineer sons have separated from their mother after death from corona
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala

मेरठ में दो जुड़वां इंजीनियर भाइयों ने 23 अप्रैल को परिवार के साथ मिलकर अपना 24वां जन्मदिन खुशी-खुशी मनाया। लेकिन किसी को क्या पता था कि यह जन्मदिन उनकी जिंदगी का आखिरी जन्मदिन होगा। एक साथ पैदा हुए दोनों जुड़वां भाइयों को कोरोना ने मां से छीन लिया है। बताया गया कि जन्मदिन के अगले दिन ही वो कोरोना का शिकार हो गए थे और फिर 13 और 14 मई को दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। दोनों ही होनहार थे और एक साथ ही कंप्यूटर इंजीनियर बने थे।



मेरठ में सेंट थॉमस स्कूल के शिक्षक ग्रेगरी रेमंड राफेल के दोनों जुड़वां बेटों की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई। दोनों ही बेटों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। मां रोते-बिलखते हुए बार-बार यही कर रही है कि आखिर हमने किसी का क्या बिगाड़ा था जो मेरे दोनों बेटों को मुझसे छीन लिया है। दोनों इंजीनियर भाइयों ने कोरोना की चपेट में आने के बाद करीब 20 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। लेकिन दोनों ही जिंदगी से हार गए और दम तोड़ दिया। दोनों भाई साथ ही जन्मे, फिर साथ पढ़े और ज्यादातर समय में एक साथ ही रहे।

Corona in Meerut: Twin engineer sons have separated from their mother after death from corona
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala

इनके पिता ग्रेगरी रेमंड राफेल का कहना है कि उनका परिवार इस घटना से टूट गया है। अब हम सिर्फ तीन लोग ही परिवार में बचे हैं। परिवार ने शुरू में घर पर इलाज किया, यह सोचकर कि बुखार कम हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

Corona in Meerut: Twin engineer sons have separated from their mother after death from corona
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala

एक दूसरे से अलग हटकर कभी कुछ नहीं किया
दंपती ने बताया कि उन्हें यह डर था कि अगर कहीं किसी एक को कुछ हो गया तो वह दूसरे को क्या जवाब देंगे। वहीं एक दूसरा डर यह भी था कि पैदा होने से लेकर 24वें जन्मदिन तक उन्होंने कभी भी एक-दूसरे से अलग हटकर कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह जानते थे कि दोनों एक साथ ठीक होकर घर जाएंगे या फिर एक को कुछ हुआ तो दूसरा भी नहीं बचेगा। पहले जोफ्रेड की मौत हुई। कुछ घंटों बाद राल्फ्रेड के मरने की खबर भी आई।

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Corona in Meerut: Twin engineer sons have separated from their mother after death from corona
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala

माता-पिता की सेवा करना चाहते थे 
दंपती ने बताया कि पहले की मौत के बारे में दूसरे को बताया नहीं गया था, मगर दूसरे को इसका अहसास हो गया था और उसने भी दम तोड़ दिया। वे हमें एक बेहतर जिंदगी देना चाहते थे। हम लोगों ने स्कूल में पढ़ाकर दोनों बच्चों को पाला-पोसा। बहुत संघर्ष किया। दोनों बेटों हैदराबाद से कोरिया और फिर जर्मनी जाने की योजना बना रहे थे। हमें नहीं पता कि भगवान ने हमें इस तरह सजा क्यों दी।

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Corona in Meerut: Twin engineer sons have separated from their mother after death from corona
मेरठ में दो भाइयों की कोरोना से मौत। - फोटो : amar ujala

वेंटिलेटर पर थे, फेफड़े हो गए थे खराब 
आनंद अस्पताल में दोनों भाइयों ने आखिरी सांस ली। अस्पताल के मैनेजर मुनीष पंडित ने बताया कि दोनों एक मई से ही वेंटिलेटर पर थे। उनके फेफड़े खराब हो गए थे। एचआरसिटी स्कोर एक का 25 में से 25 और दूसरे का 19 था। उन्हें बचाने की कोशिश की, मगर सफल नहीं हो सके।

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