धर्मांतरण का देशव्यापी सिंडिकेट चलाने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी को उत्तर प्रदेश एटीएस ने मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद बुधवार को यूपी एडीजी कानून व्यवस्था, प्रशांत कुमार और एटीएस के निरीक्षक जीके गोस्वामी ने प्रेस वार्ता कर इस पूरे मामले में बड़े खुलासे किए हैं। बताया गया कि मौलाना की गिरफ्तारी से पहले एटीएस ने सहारनपुर के सरसावा में भी एक धार्मिक स्थल में छापा मारा था। हालांकि स्थानीय पुलिस अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
धर्मांतरण: नैनीताल के नितिन को बना दिया था अली हसन, मौलाना की गिरफ्तारी के बाद खुले बड़े राज, सहारनपुर भी पहुंची थी एटीएस
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नितिन को बना दिया था अली हसन
मौलाना की गिरफ्तारी के बाद धर्मांतरण के मामले में यह भी सामने आया कि नैनीताल के रहने वाले नितिन पंत को धर्म परिवर्तन कराकर अली हसन बना दिया गया था। नितिन पंत जुलाई माह में सहारनपुर आया था, जहां हिंदू संगठन के पदाधिकारी निपुण भारद्वाज को अपनी समस्या बताई। निपुण भारद्वाज ने उनकी समस्या जानने के बाद इस मामले में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से कार्रवाई कराने की मांग की थी।
नितिन पंत ने बताया था कि वह नौकरी के सिलसिले में राजस्थान गया था। वहां दूसरे समुदाय के लोगों ने लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया और फिर धर्म परिवर्तन करा दिया। इसके बाद उस पर अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तित कर इस्लाम कबूल कराने का दबाव बनाया जाता था।
नितिन पंत ने यह भी बताया था कि उसको मुजफ्फरनगर जनपद के एक धार्मिक स्थल में इस्लामी तौर तरीके सिखाने के लिए रखा गया था। उसके बाद सहारनपुर जिले के कोटा गांव स्थित मदरसे में पढ़ाने के लिए भेजा गया था। इस मामले को भी मौलाना की बड़ी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।