एक तरफ मालगाड़ी तो दूसरी ओर यात्री रेलगाड़ी के लिए निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल से सफर सुहावना बनाने के लिए कवायद जारी है। पश्चिम बंगाल के दनाकुनी से वाया मेरठ, लुधियाना तक ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी चल रहा है। केंद्र सरकार की नजर दोनों प्रोजेक्ट पर हैं। दोनों प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक से भी सहायता मिली है।
रैपिड और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का तेजी से चल रहा निर्माण, सामने आई ये नई जानकारी, देखें तस्वीरें
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रैपिड रेल
- दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल से सफर सुहावना बनाने के लिए कवायद जारी है। पहले चरण में रैपिड रेल के 19 किमी का कार्य साहिबाबाद से दुहाई तक किया जा रहा है। इसके लिए एनसीआरटीसी ने ड्रोन से वीडियो बनाकर अपनी साइट के यूट्यूब पेज पर अपलोड किया है। इसमें दुहाई में बनाए जा रहे पिलर को दिखाया गया।
इसके अलावा मेरठ-दिल्ली रोड पर बिना किसी बाधा के वाहनों का आवागमन भी वीडियो में दिखाया गया है। इस कार्य को वर्ष-2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जिससे शताब्दीनगर तक रैपिड रेल का संचालन किया जा सके।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
- खुर्जा तक चालू ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का संचालन भदान से खुर्जा तक हो चुका है। इस ट्रैक पर कई मालगाड़ियों का ट्रायल किया जा चुका है। इसके आगे अब मेरठ से होते हुए ट्रैक को लुधियाना तक जाना है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्विटर एकाउंट पर ड्रोन से ली गई ट्रैक की फोटो अपलोड की गई है। मेरठ में मोहिउद्दीनपुर के पास से होते हुए सकौती से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरेगा। इसे वर्ष-2021 तक गुजारा जाना है। इसके चलने के बाद मालगाड़ी इस ट्रैक से ही गुजरेगी।
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