देश के साथ-साथ मेरठ का गौरव बढ़ाने वाले निशानेबाज सौरभ चौधरी, तीरंदाज चमन सिंह व एथलीट पारुल चौधरी को उनकी उपलब्धियों की बदौलत आज यानी शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से सम्मान मिलेगा। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकले इन तीनों ही खिलाड़ियों की सफलता के पीछे तीनों के पिताओं का अहम योगदान है। खास बात यह है कि इन तीनों खिलाड़ियों के पिता किसान हैं।
यूपी: इन तीन खिलाड़ियों ने बढ़ाया क्रांतिधरा का मान, आज सीएम योगी लखनऊ में करेंगे सम्मानित
सरूरपुर क्षेत्र के कलीना गांव निवासी 17 वर्षीय निशानेबाज सौरभ चौधरी ने प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए लक्ष्मण अवार्ड तक का सफर तय किया है। पिछले पांच सालों में 10 मीटर एयर पिस्टल में सौरभ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पीले तमगों का मानो ढेर लगा दिया हो। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार गोल्ड मेडल हासिल करने वाले सौरभ को गोल्डन ब्वॉय के नाम से पुकारा जाने लगा।
पिता जगमोहन सिंह किसान है। उन्होंने बताया कि ऐसा कभी नहीं सोचा था कि बेटा एक दिन उनका सीना गर्व से चौड़ा करेगा। ओलंपिक में कोटा हासिल कर चुके सौरभ चौधरी को लक्ष्मण अवार्ड मिलने की सूचना मिलने पर परिवार में खुशी का माहौल है। सौरभ ने अभ्यास के लिए कलीना गांव से प्रतिदिन बड़ौत का सफर तय कर यह मुकाम पाया है। सौरभ बड़े भाई नितिन के साथ लखनऊ पहुंच गया है, जहां उसे मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे। अवार्ड मिलने की घोषणा से सौरभ की दादी राजकली, माता बृजेश देवी, बहन साक्षी काफी खुश हैं।
2018 में जूनियर विश्व कप जर्मनी में जूनियर वर्ग की व्यक्तिगत, टीम और मिक्सड में स्वर्ण पदक।
2018 में 28वीं चैंपियनशिप में व्यक्तिगत में स्वर्ण और टीम वर्ग में सिल्वर।
2018 में एशियाई गेम्स में स्वर्ण पदक।
2019 में आईएसएसएफ विश्वकप में स्वर्ण पदक, ओलंपिक कोटा हासिल किया।
2019 में आईएसएसएफ विश्वकप में रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
पारुल ने बढ़ाया मान
दौराला क्षेत्र के इकलौता गांव निवासी किसान कृष्णपाल चौधरी की 24 वर्षीय बेटी पारुल चौधरी शुक्रवार को लखनऊ में रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से सम्मानित होंगी। पारुल ने फोन पर बताया कि वह नेशनल कैंप के लिए पटियाला में प्रशिक्षण ले रही हैं। अवार्ड मिलने के संबंध में लखनऊ से फोन आया था, जिसके बाद वह फ्लाइट से लखनऊ पहुंची हैं। पिता ने बताया कि अवार्ड मिलने की खबर सुनकर परिवार सहित गांव में जश्न का माहौल है। पारुल की माता राजेश देवी, भाई रोहित व राहुल ने खुशी जताई। पारुल तीन हजार, पांच हजार व 800 मीटर दौड़ की खिलाड़ी हैं। वह कैलाश प्रकाश स्टेडियम के कोच गौरव त्यागी से प्रशिक्षण लेकर यहां तक पहुंची हैं। वर्तमान में पारुल मुंबई में रेलवे में टीसी पद पर तैनात हैं।