सेना के शस्त्रों को देखकर युवाओं का जोश हाई हो गया। भारत माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। छात्र-छात्राओं ने सेना के हथियारों की जानकारी ली और देश सेवा का प्रण लिया। यह नजारा शनिवार को ‘सेना को जानो’कार्यक्रम में देखने को मिला।
ताकत वतन की हमसे है... हिम्मत वतन की...‘सेना को जानो’ प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं का जोश हुआ हाई
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गणतंत्र दिवस से पूर्व पाइन डिविजन की 313 फील्ड रेजीमेंट द्वारा औद्यड़नाथ मंदिर के पास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेना के शौर्य और शस्त्रों को जानकर किसी छात्र ने भविष्य की कल्पनाओं को देख सेना के अधिकारियों से प्रश्न पूछे तो किसी ने 130 एमएम फील्ड गन चलाई। उन्होंने एल्फा बनकर चार्ली बनी अपनी सहेली को संदेश भेजा, वहीं एटमिक वार से बचने की जानकारी भी ली।
इस दौरान इस याद को संजोने के लिए विद्यार्थियों खूब सेल्फी और तस्वीरें भी लीं। बोफोर्स गन के साथ कारगिल विजय में अहम योगदान देने वाली रशिया मेड 130 एमएम फील्ड गन की जानकारी ली। इस गन को एक साथ नौ जवान चलाते हैं। यह एक मिनट पर यह दो राउंड फायर करती है। इसका गोला 33.4 किलो का है। स्पीड 930 मीटर प्रति सेकेंड है।
भविष्य के हथियारों की जानकारी दी
कार्यक्रम का उद्घाटन पाइन डिविजन के जनरल कमांडिंग मेजर जनरल मानिक कुमार दास और कर्नल सिमरन जीत सिंह ने किया। प्रदर्शन में आर्टिलरी, इनफेंटरी, क्यूआरटी, इंजीनियरिंग इक्विपमेंट, भविष्य के हथियारों के बारे में जानकारी दी गई।
सेना के बैंड 18 गढ़वाल के 16 सदस्य टीम ने पाइप बैंड पर देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी। पहले दिन प्रदर्शनी में आर्मी पब्लिक स्कूल, सक्सेस इंटरनेशनल स्कूल मोदीपुरम, आदर्श इंटर कॉलेज के छात्र और छात्राओं सहित एनसीसी कैडेट भी पहुंचे। इस दौरान मेजर जनरल एमके दास, ब्रिगेडियर अनिल, कर्नल अभिजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
शौर्य के साथ ही शस्त्राें की अहम भूमिका
जवानों ने छात्रों को बताया कि देश की सुरक्षा में जवानों के शौर्य के साथ ही शस्त्राें की अहम भूमिका होती है। 105/37 लाइट फील्ड गन ई2 की जानकारी देते हुए बताया कि इसकी रेंज 17 किमी है। एक मिनट में यह छह राउंड फायर करती है।
122 एमएम एचओडब्लू -डी 30 गन का भी प्रदर्शन किया गया। इस तोप की खास बात है कि इसके टायर ऊपर हो जाते हैं। जिससे तोप की जमीन पर पकड़ बन जाती है और वह हिलती नहीं है। इस गन का मुख्य रुप से पंजाब, राजस्थान आदि क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता है।
बार्डन फिल्म में सनी देओल जिस ग्रनेड लांचर को उठाकर पाकिस्तान के एक के बाद एक दुश्मनों के टैंक को ध्वस्त करता दिखाया गया था। प्रदर्शनी में उस ग्रेनेड लांचर और 84 एमएम रॉकेट लांचर को भी दिखाया गया।
स्कूली छात्रों ने रॉकेट लांचर को कंधे पर रखकर फोटो खिंचवाए। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल लांचर भी दिखाया गया। परमाणु युद्ध के दौरान रेडिएशन से बचने के लिए बनाए गए शेल्टर का भी मॉडल दिखाया गया।