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सीबीआई की जांच में हुआ था बड़ा खुलासा, पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल समेत कई के खुलेंगे गहरे राज

Thu, 15 Oct 2020 11:49 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Thu, 15 Oct 2020 11:49 AM IST
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CBI and ED has investigating to properties of BSP MLC Mahmood Ali and Haji Iqbal in Saharanpur
हाजी इकबाल के घर पर ईडी का छापाॉ - फोटो : अमर उजाला

पूर्व बसपा एमएलसी हाजी इकबाल और इनके करीबियों द्वारा बनाई गई मुखौटा कंपनियों के जरिए 2010 में प्रदेश की बंद चीनी मिलें खरीदी गई थीं, मगर करोड़ों रुपये कीमत की मिलें खरीदने वाली कंपनियों के खातों से रुपयों का लेनदेन तक नहीं हुआ था। सीबीआई और गंभीर धोखाधड़ी अन्वेषण विभाग (एसएफआईओ) की जांच में इसका खुलासा हुआ था। आगे जानिए पूरा अपडेट-

CBI and ED has investigating to properties of BSP MLC Mahmood Ali and Haji Iqbal in Saharanpur
ईडी के घर छापा - फोटो : अमर उजाला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इन तमाम बिंदुओं को लेकर जांच कर रहा है, जिसके तहत आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाया गया है। पूर्व की जांच में यह पता चला था कि कंपनियों के बैलेंस शीट में दर्शाए कंपनी का नेटवर्थ, संपत्ति एवं दायित्व की रकम काल्पनिक थी। कंपनी के खातों में कोई वास्तविक लेनदेन नहीं हुआ था। यह भी सवाल है कि चीनी मिलों को खरीदने का पैसा कहां से आया।

CBI and ED has investigating to properties of BSP MLC Mahmood Ali and Haji Iqbal in Saharanpur
ईडी का छापा - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, चीनी मिलें खरीदने के मामले में 2017 में लखनऊ के गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिन कंपनियों के नाम से मिलें खरीदी गई थीं, उनमें मेसर्स नम्रता कंपनी प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स गिरियाशो कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों में मो. जावेद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी गांव मिर्जापुर पोल, राकेश शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, धर्मेंद्र गुप्ता निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद, सौरभ मुकुंद निवासी साउथ सिटी सहारनपुर, सुमन शर्मा निवासी रोहिणी दिल्ली, मो. नसीम अहमद निवासी मिर्जापुर, मो. वाजिद पुत्र मोहम्मद इकबाल निवासी मिर्जापुर के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

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CBI and ED has investigating to properties of BSP MLC Mahmood Ali and Haji Iqbal in Saharanpur
ईडी का छापा - फोटो : अमर उजाला

इसी मामले को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज होने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईडी जांच कर रहा है। सीबीआई भी जांच कर रही है और कई बार सीबीआई टीम छापा तक मार चुकी है। एक साल पूर्व भी सीबीआई ने हाजी इकबाल और इनके करीबी सौरभ मुकुंद के मकान पर छापा मारा था। ईडी की टीम ने मकान पर छापा मारा तो, उसके कुछ देर बाद ही हाजी इकबाल ने प्रवर्तन निदेशालय के डायरेक्टर, केंद्रीय वित्त मंत्री सहित कई अधिकारियों को ई-मेल के जरिये शिकायत भेजी। उन्होंने हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर की बात कही है।

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CBI and ED has investigating to properties of BSP MLC Mahmood Ali and Haji Iqbal in Saharanpur
मौके पर रही लोकल पुलिस - फोटो : अमर उजाला

परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ चल रही जांच
अवैध खनन और मुखौटा कंपनियों को लेकर अकेले हाजी इकबाल नहीं, बल्कि इनके परिवार के सदस्य भी जांच के दायरे में हैं। हाजी इकबाल का बेटा वाजिद भी पूर्व में दर्ज मामलों में आरोपी है। वहीं, इनके भाई बसपा एमएलसी महमूद अली और करीबी अमित जैन के खिलाफ अवैध खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) द्वारा 50-50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उसको लेकर बीते छह अक्तूबर को ही खनन विभाग की संस्तुति पर प्रशासन ने आरसी जारी की थी। हालांकि आरसी जारी करने पर बसपा एमएलसी ने कोर्ट के स्थगन आदेश की अवमानना और उत्पीड़न बताया था।

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